Alert! डार्क वेब पर नीलाम हाे गया 3.3 लाख क्रेडिट और डेबिट कार्ड का डाटा

बिटक्‍वाइन के जरिए अघोषित कीमत पर बेचा जाता है डाटा

बिटक्‍वाइन के जरिए अघोषित कीमत पर बेचा जाता है डाटा

जैमिनी एडवाइजरी (Gemini Advisory) के मुताबिक, फरवरी 2020 एक प्रसिद्ध रूसी डार्क वेब हैकर फाेरम पर इस डाटा की नीलामी हाेते देखा गया है. जिसमें गिफ्ट कार्ड सहित क्रेडिट और डेबिट कार्ड की करीब 300 कराेड़ रुपये की वैल्यू बताई जा रही है.

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नई दिल्ली. एक ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड पाेर्टल के द्वारा अपना डाटा डार्क वेब (Dark Web) काे बेचे जाने की जानकारी मिली है. इस डाटा में 3.3 लाख क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारियाें सहित 285 कराेड़ रुपये के गिफ्ट कार्ड भी शामिल हैं. सायबर सिक्याेरिटी फर्म जैमिनी एडवाइजरी (Gemini Advisory) ने इसका खुलासा किया है. 



जैमिनी एडवाइजरी के मुताबिक, फरवरी 2020 एक प्रसिद्ध रूसी डार्क वेब हैकर फाेरम पर इस डाटा की नीलामी हाेते देखा गया है. बताया यह भी जा रहा है कि यह डाटाबेस अब नीलाम भी हाे चुका है जिसमें गिफ्ट कार्ड सहित क्रेडिट और डेबिट कार्ड की करीब 300 कराेड़ रुपये की वैल्यू बताई जा रही है.



इन ब्रांड के गिफ्ट कार्ड



जानकारी के अनुसार डार्क वेब पर जाे गिफ्ट कार्ड्स डाटाबेस में पाए गए उनमें अमेजन, एयरबीएनबी, मैरियट, नाइक, वॉलमार्ट सहित अन्य शामिल हैं. खबर यह भी है कि हैकर्स इन चाेरी किए गए गिफ्ट कार्ड काे दस हजार डॉलर की ऑक्शन प्राइज के साथ बेच रहे हैं. जबकि सीधे खरीदने पर इन्हें 15 हजार डॉलर यानि की भारतीय रुपयाें में करीब 11 लाख रुपये कीमत रखी गई है. 


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क्रेडिट कार्ड की जानकारी के लिए इतने की बाेली



जैमिनी एडवाइजरी के मुताबिक, यह भी देखने में आया है कि हैकर्स चाेरी किए गए  3.3 लाख क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल्स काे 15 हजार डॉलर में बेच चुके है. रिपाेर्ट यह भी कहती है कि ज्यादातर सायबर क्रिमिनल्स जल्द से जल्द इन कार्ड्स से फंड कैश आउट कर लेते हैं. इससे पहले की कंपनियां उन्हें बंद कर दे. रिपाेर्ट के अनुसार दाेनाें डेटाबेसाें काे एक जानी मानी गिफ्ट कार्ड ऑक्शन प्लेटफॉर्म कार्डपूल से लिया गया है जाे कि काेविड 19 के चक्कर में बंद हाे गई और जाे अमेरिका में खासी लाेकप्रिय थी.





बिटक्‍वाइन के जरिए अघोषित कीमत पर बेचा जाता है डाटा



जानकार बताते हैं कि इस तरह का डाटा डार्क वेब पर क्रिप्‍टो करेंसी बिटक्‍वाइन के जरिए अघोषित कीमत पर बेचा जा रहा है. इस डाटा के लिए हैकर भी टेलीग्राम के जरिये संपर्क कर रहे हैं. जसपे यूजर्स के डाटा स्टोर करने में पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डाटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड (PCIDSS) का पालन करती है. अगर हैकर कार्ड फिंगरप्रिंट बनाने के लिए हैश अल्गोरिदम का इस्तेमाल कर सकते हैं तो वे मास्कस्ड कार्ड नंबर को भी डिक्रिप्ट कर सकते हैं. इस स्थिति में सभी कार्डधारकों के अकाउंट को खतरा हो सकता है.


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