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इन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत, COVID-19 की वजह से नहीं होगी छंटनी

कई कंपनियों ने छंटनी को लेकर कर्मचारियों को आश्वस्त किया.
कई कंपनियों ने छंटनी को लेकर कर्मचारियों को आश्वस्त किया.

COVID-19 की वजह दुनियाभर की कंपनियों के प्रॉफिट और रेवेन्यू पर असर पड़ा है. यही कारण है कि अब कर्मचारियों को अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है. इस बीच भारत में काम करने वाली कई वैश्विक कंपनियों ने कहा है कि वो छंटनी नहीं करेंगी.

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नई दिल्ली. भारतीय बाजार में काम करने वाली कई वैश्विक कंपनियों (Global Companies) ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि COVID-19 की वजह से उन्हें अपनी नौकरी की चिंता करने की जरूरत नहीं है. इन कंपनियों का कहना है कि वो कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से छंटनी नहीं करेंगी. कुछ कंपनियों ने तो यहां तक कहा है कि 90 दिनों तक उन्होंने किसी भी छंटनी की योजना को टाल दिया है. वहीं, कुछ कंपनियों ने मौजूदा कर्मचारियों को बचाने के लिए नई हायरिंग को रोक दी हैं.

किन कंपनियों ने कर्मचारियों को किया आश्वस्त
इन वैश्विक कंपनियों में SAP, मॉर्गन स्टेनली, सेल्सफोर्स, पालो अल्टो नेटवर्क्स, पेपल, सिटिग्रुप, जेपी मॉर्गन, बैंक आफ अमेरिका और बूज एलेन हैमिल्टन.​ इन कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कोविड-19 की वजह से पैदा हुई मौजूदा ​परिस्थिति को देखते हुए कोई छंटनी नहीं करेंगी.

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जेपी मॉर्गन ने रोकी फ्रेश हायरिंग


जेपी मॉर्गन इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम जानते हैं कि हमारे लोग कर्मचारी ही हमारी सफलता के लिए जिम्मेदार हैं. यही कारण है कि हम बहुत सोच समझकर फैसला ले रहे ताकि कोविड-19 की वजह से छंटनी न हो सके. इन फैसलों नई हाय​रिंग रोकने का फैसला भी शामिल है. कुछ मामलों में हमने अपनी नई हायरिंग को पूरी तरह से रोक दी है और लोकल सरकारें और अधिकारियों से संपर्क में हैं. इसके पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि जेपी मॉर्गन भारत में करीब 34,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है.

90 दिनों तक कोई छंटनी नहीं
SAP ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए वह 90 दिनों के लिए कोई भी छंटनी नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस कंपनी के प्रवक्त ने कहा, 'हमारे कर्मचारी बहुत महत्वपूर्ण हैं और इस स्वास्थ्य संकट के बीच हम उनके साथ खड़े हैं.' भारत में इस कंपनी के कुल 13,000 से अधिक कर्मचारी हैं.

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मॉर्गन स्टेनली के CEO जेम्स गॉर्मन ने हाल ही में अमेरिकी मीडिया को कहा था कि इस साल जकर्मचारी सुरक्षित हैं. भारत में इस कंपनी के 3,300 टेक्नोलॉजी कर्मचारी हैं. सेल्सफोर्स के CEO मार्क बेनिआफ ने कहा कि 1 जुलाई तक 90 दिनों के लिए उनके किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है.

लॉकडाउन से कंपनियों की प्रॉफिट पर बुरा असर
गौरतलब है कि लॉकडान की वजह से लगभग सभी कंपनियों की बिजनेस प्रभावित हुई है. इससे उनके रेवेन्यू को भारी कमी आई है. इस दौरान कंपनियों के पास कम काम और कम प्रॉफिट होने के बाद भी उन्होंने अपने कर्मचारियों को पेमेंट जारी रखा है.

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