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...अब बस आने वाले हैं दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के 'अच्छे दिन'

News18Hindi
Updated: November 7, 2019, 12:13 PM IST
...अब बस आने वाले हैं दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के 'अच्छे दिन'
अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की उम्मीद से दुनियाभर के शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों (Central Bank) की ओर से ब्याज दरें (Interest Rates Cut Globally) कम करने के ऐलान और अमेरिका-चीन (US-China Trade War) के बीच 'ट्रेड वॉर' खत्म होने की उम्मीद से आर्थिक सुस्ती खत्म होने के संकेत मिलने लगे है.

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  • Last Updated: November 7, 2019, 12:13 PM IST
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मुंबई. आर्थिक मंदी (Global Slowdown) के शोर-शराबे से परेशान दुनिया भर के लोग को जल्द राहत मिल सकती है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों (Central Bank) की ओर से ब्याज दरें (Interest Rates Cut Globally) कम करने के ऐलान और अमेरिका-चीन (US-China Trade War) के बीच 'ट्रेड वॉर' खत्म होने की उम्मीद से आर्थिक सुस्ती खत्म होने के संकेत मिलने लगे है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अमेरिका का शेयर बाजार (Stock Market at all time high) हफ्ते की शुरुआत में अब तक के सबसे उच्चम स्तर पर पहुंच गया. वहीं, एशियाई शेयर बाजारों में भी रौनक लौटी है. इसके अलावा भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स भी रोजाना नए ऐतिहासिक स्तर को छू रहा है. हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा. लेकिन दुनियाभर की अर्थव्यवस्था अगले एक साल में फिर से पटरी पर आ सकती है.

दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के 'अच्छे दिन' जल्द हो सकते हैं शुरू-  सिंगापुर में स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के प्रमुख अर्थशास्त्री डेविड मन का कहना है कि साल 2019 में अर्थव्यवस्था की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी लेकिन अगले साला यानी 2020 में इसमें सुधार की बहुत सारी वजहे सामने दिख रही है.

दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुनियाभर की अर्थव्यव्था कमजोर जरूरी है लेकिन अब यह धीरे-धीरे बेहतरी की ओर से जा रही है. आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्थाएं  पाॉजिटिव हो रही है और स्थिर है.

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पिछले दिनों अमेरिकी एजेंसी  ISM की रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में नई नौकरियों के अवसर तेजी से बढ़े हैं. साथ ही, आने वाले दिनों में सैलरी में भी ग्रोथ का अनुमान है. अगस्त, सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में ज्यादा लोगों को नौकरियां मिली हैं.

(1) ब्रेक्जिट की चिंताएं हो रही दूर- ब्रेक्जिट यानी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (European Union) से बाहर निकलने को लेकर लंबे समय से संशय बना हुआ है. इन अनिश्चितताओं के चलते यूरोप की अर्थव्यवस्था डगमगा गई थी. लेकिन अक्टूबर में इसमें सुधार देखा गया है.
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तीसरी तिमाही में अनुमान के मुताबिक ज्यादा ग्रोथ देखी गई. वहीं जर्मनी जो कि मंदी के हालात तक ही पहुंच गया था लेकिन वहां भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ दर्ज की गई है.



(2) ट्रेड वॉर पर बन सकती है अब बात- बीते दिनों दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन के बीच भी अब ट्रेड वॉर को लेकर बातचीत शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि अगले साल यानी 2020 तक दोनों देशों समझौता हो जाएगा.

(3) एशिया में हालात जल्द सुधने की उम्मीद- वहीं, अब एशिया की बात करें तो, चीन की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान ट्रेड वॉर से हो रहा है. अब अगर इस पर बात बन जाती है तो फिर से ग्रोथ तेज होने की उम्मीद है. इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बादल छंटने लगे है. अक्टूबर महीने के ऑटो सेल्स आंकड़ें बेहतर हुए है. वहीं, जीएसटी कलेक्शन भी बढ़ा है. साथ ही, पीएमआई मैन्युफैक्चरिं में भी सुधार के संकेत मिल रहे है.

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First published: November 7, 2019, 12:02 PM IST
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