आईपीओ बाजार में तेजी, भारतीय कंपनियों ने 2020-21 में IPO से जुटाए 31 हजार करोड़ रुपये

प्रतीकात्मक तस्वीर

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विश्लेषकों के अनुसार, शेयर मार्केट्स के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में 30 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 31,277 करोड़ रुपये जुटाए. यह पिछले 3 साल के दौरान आईपीओ से जुटाई गई राशि का सबसे ऊंचा आंकड़ा है.

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नई दिल्ली. ग्लोबल मार्केट में लिक्विडिटी की बेहतर स्थिति और घरेलू शेयर बाजारों में तेजड़िया दौड़ (Bull Run) के चलते भारतीय कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष (2020-21) में आईपीओ (IPO) से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भी आईपीओ पाइपलाइन काफी मजबूत बनी हुई है. यह पिछले 3 साल के दौरान आईपीओ से जुटाई गई राशि का सबसे ऊंचा आंकड़ा है.

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के सीईओ-रिटेल संदीप भारद्वाज ने कहा कि आईपीओ पाइपलाइन काफी मजबूत है. 28 कंपनियों के पास 28,710 करोड़ रुपये जुटाने को आईपीओ के लिए सेबी (SEBI) की मंजूरी है. वहीं, सेंट्रम कैपिटल के एमडी-इन्वेस्टमेंट बैंकिंग राजेंद्र नाइक ने कहा कि 2021-22 में एलआईसी, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, एनसीडीईएक्स, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक का आईपीओ आने की उम्मीद है.

30 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए जुटाए 31,277 करोड़ रुपये

विश्लेषकों के अनुसार, शेयर मार्केट्स के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में 30 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 31,277 करोड़ रुपये जुटाए. इससे पिछले वित्त वर्ष में 13 आईपीओ के जरिए 20,352 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई थी. इसी तरह 2018-19 में 14 कंपनियों ने आईपीओ से 14,719 करोड़ रुपये जुटाए थे. वहीं 2017-18 में 45 कंपनियों ने आईपीओ से 82,109 करोड़ रुपये जुटाए थे.
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यस बैंक का 15,000 करोड़ रुपये का एफपीओ

वित्त वर्ष 2020-21 में आईपीओ के अलावा यस बैंक का 15,000 करोड़ रुपये का एफपीओ (Follow-on Public Offer)  भी आया था. एक्सपर्ट्स ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में आईपीओ बाजार में काफी विविधता रही. इस दौरान आभूषण, टेक्नोलॉजी, स्पेशियल्टी रसायन, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों के आईपीओ आए.



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नाइक ने कहा, ''शेयर बाजारों में तेजड़िया दौड़ की वजह से कंपनियां आईपीओ के जरिए धन जुटा रही हैं. सेकेंडरी मार्केट में धारणा सुधरने से प्राथमिक बाजार को भी समर्थन मिला है.''

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के भारद्वाज ने कहा कि दुनियाभर में सिस्टम में लिक्विडिटी की स्थिति, संभावनाओं वाले नए क्षेत्रों के कारोबार और भारत को लेकर उम्मीद, मांग और वृद्धि की कहानी की वजह से आईपीओ बाजार में तेजी है.
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