GoAir के आधा दर्जन सीनियर अधिकारियों ने छोड़ी नौकरी, सैलरी नहीं मिलने की वजह से थे परेशान

GoAir के आधा दर्जन सीनियर अधिकारियों ने छोड़ी नौकरी, सैलरी नहीं मिलने की वजह से थे परेशान
GoAir के आधा दर्जन सीनियर अधिकारियों ने छोड़ी नौकरी, सैलरी नहीं मिलने से परेशान

बजट एयरलाइन गो एयर (GoAir) के आधा दर्जन से ज्यादा सीनियर अधिकारियों ने नौकरी छोड़ दी (Senior Executives Left Job) है. नौकरी छोड़ने का कारण है कि कंपनी इन कर्मचारियों की सैलरी नहीं दे पा रही है. कंपनी ने बहुत सारे कर्मचारियों को बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 3:21 PM IST
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नई दिल्ली. बजट एयरलाइन  गो एयर (GoAir) के आधा दर्जन से ज्यादा सीनियर अधिकारियों ने नौकरी छोड़ दी (Senior Executives Left Job) है. नौकरी छोड़ने का कारण है कि कंपनी इन कर्मचारियों की सैलरी नहीं दे पा रही है. कंपनी ने बहुत सारे कर्मचारियों को बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया है. कंपनी में कुल 6,700 कर्मचारी हैं जिसमें से 4 हजार के करीब बिना सैलरी के छुट्टी पर हैं. जानकारी के मुताबिक हाल के हफ्तों में काफी सारे कर्मचारियों ने कंपनी को इस्तीफा दे दिया है.

25 मई से शुरू हो चुकी हैं डोमेस्टिक फ्लाइट
कोरोना वायरस महामारी से एयरलाइन सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. एयरलाइन कंपनियां अपने खर्चों को कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं. बता दें कि मार्च के अंतिम हफ्ते में एयरलाइंस सेक्टर बंद हो गया था. हालांकि 25 मई से घरेलू रूट पर फिर से एयरलाइंस की आवाजाही शुरू है.

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इस वजह से ख़राब हुई है गोएयर की हालत


एयरलाइंस सेक्टर के बंद होने से सभी कंपनियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है. हालांकि अभी भी एयरलाइंस 33 प्रतिशत क्षमता के साथ ही उड़ान भर सकती हैं. मुंबई जैसे व्यस्ततम एयरपोर्ट पर जहां कोरोना से पहले रोजाना 1000 फ्लाइट आती और जाती थीं, वहीं यह संख्या अब 100 के करीब ही है. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उड़ान सेवाओं को बंद कर दिया गया था जिससे गो एयर की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई है.

अभी भी जो एयरलाइंस चल रही हैं, उसमें आधी सीटें खाली जा रही हैं. मसलन मुंबई से दिल्ली के बीच 50 से 60 प्रतिशत ही सीटें भर रही हैं. दिल्ली से भोपाल की बात करें तो 70 प्रतिशत सीटें भर रही हैं. लेकिन भोपाल से मुंबई के बीच महज 30 प्रतिशत सीटें भर रही हैं. यही कारण है कि जिन रूट पर कंपनियां फ्लाइट को उड़ा रही हैं वहां भी यात्री पूरे न मिलने से कंपनियों को नुकसान सहन करना पड़ रहा है.

कंपनी 30 फीसदी कर्मचारियों नहीं दे पा रही है वेतन 
कंपनी ने मार्च में अपने अधिकांश कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी. अप्रैल में कंपनी ने 60 से 70 फीसदी कर्मचारियों को वेतन के बिना छुट्टी पर भेजने की स्कीम घोषित की थी. ख़बरों की माने तो कंपनी बाकी 30 फीसदी कर्मचारियों का वेतन भी नियमित रूप से नहीं दे पा रही है. इस महीने कंपनी ने कर्मचारियों को तीन विकल्प दिए. इनमें खुद इस्तीफा देने, टर्मिनेशन और अनिश्चितकालीन अवधि तक बिना वेतन पर छुट्टी का विकल्प शामिल है.
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