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    यहां बने हैं अयोध्या में जलने वाले गोबर के दिये, आप भी ऐसे करें इनकी खरीदारी

    गाय के गोबर से खासतौर पर बनाए गए हैं यह 12 आइटम
    गाय के गोबर से खासतौर पर बनाए गए हैं यह 12 आइटम

    दिवाली (Diwali) पूजन में काम आने वाले खास 12 आइटम को गाय के गोबर से तैयार किया गया है. महिला समूहों ने इन आइटम को तैयार किया है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 13, 2020, 1:36 PM IST
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    नई दिल्ली. गाय के गोबर (Cow Dung) के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और गौशालाओं की इनकम बढ़ाने के मकसद से इस साल "कामधेनु दीपावली अभियान" चलाया गया. यह अभियान राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) ने शुरु किया है. इस अभियान के तहत दिवाली (Diwali) पूजन में काम आने वाले खास 12 आइटम को गाय के गोबर से तैयार किया गया है. महिला समूहों ने इन आइटम को तैयार किया है. अयोध्या (Ayodhya) में जलने वाले दिये भी यहीं तैयार किए गए हैं. यह सभी महिला समूह शहरों में संचालित गौशालाओं से जोड़े गए हैं. वहीं तैयार सामान को बेचने के लिए आपसी जनसंपर्क और लोकल बाज़ारों की मदद ली गई है.

    खासतौर पर बनाए गए हैं यह 12 आइटम-आरकेए के अध्यक्ष डॉ.वल्लभभाई कथीरिया का कहना है कि "कामधेनु दीपावली अभियान" से पहले हम पीएम नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर गौमाया गणेश अभियान चलाया था. गाय का गोबर मिलाकर मूर्तियां तैयार की गईं थी. अभियान के सफल होने के बाद अब दीवाली के लिए तैयारी की गई है. दीवाली के लिए खास दिये, मोमबत्ती, धूपबत्ती, अगरबत्ती, शुभ-लाभ, स्वस्तिक, समरणी, हार्डबोर्ड, वॉल-पीस, पेपर-वेट, हवन सामग्री, भगवान लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाई गई हैं. इस अभियान से पंचगव्य उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा.

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    11 करोड़ परिवार में 33 करोड़ दियों से जगमग होगी दिवाली-आरकेए के अध्यक्ष का कहना है कि वैसे तो डिमांड के हिसाब से जितना माल बन जाए उतना ही अच्छा है. लेकिन फिर भी हमने एक लख्य तय किया है. जैसे देश के 11 करोड़ परिवारों तक 33 करोड़ गाय के गोबर से बने दिए पहुंचाने का लक्ष्य लिया है. इसमे से 3 लाख दियों का ऑर्डर हमे अयोध्या, एक लाख वाराणसी से पहले ही मिल चुका है. इसके पीछे हमारा सबसे बड़ा मकसद चीन के बने दियों को खत्म कर अपने लोगों के लिए रोज़गार के रास्ते खोलने हैं.


    रोज़गार बढ़ाने के लिए जोड़ा गया है "कामधेनु दीपावली अभियान"-आरकेए अध्यक्ष का कहना है कि बेशक शुरुआत के दौरान बने सामानों की संख्या और उसे बनाने वालों की संख्या कम हो, लेकिन हमारा मकसद से बढ़ाकर हर भारतीय घर तक गाय के गोबर से बने यह 12 आइटम पहुंचाने का है. इसी के चलते रोज़गार बढ़ाने और इस अभियान से हर भारतीय को जोड़ने के लिए शुरुआती पहल में हमने डेयरी किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और युवा उद्यमियों, गौशालाओं, गोपालकों, स्वयं सहायता समूहों आदि जैसे और भी दूसरे लोगों को जोड़ने का अभियान जारी है.
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