इस साल फीकी पड़ी सोने की चमक, मांग में कमी के बाद टूट सकता है 25 साल का रिकॉर्ड

इस साल सोने की मांग में भारी गिरावट आई है.
इस साल सोने की मांग में भारी गिरावट आई है.

चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में सोने की मांग (Gold Demand) 30 फीसदी तक घटी है. वैश्विक स्तर पर भी यह ट्रेंड देखने को मिला है. हालांकि, सोने में निवेश के आंकड़े बेहतर हैं. मांग में गिरावट को लेकर बीते 25 साल के रिकॉर्ड टूटने की आशंक जताई जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 7:52 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले साल जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में इस साल देश में सोने की मांग (Gold Demand) में 30 फीसदी तक की गिरावट आई है. पिछले साल जहां देश में सोने की मांग 123.9 टन तक था, वो इस साल जुलाई-सितंबर के बीच घटकर 86.6 टन पर आ गया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC - World Gold Council) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी मिलती है. कोरोना वायरस महामारी और बीते कुछ समय में सोने की कीमतों (Gold Prices) में आई तेजी इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है.

सोना में निवेश बढ़ा
पिछली तिमाही में देश में ज्वलेरी की कुल मांग 48 फीसदी घटकर 52.8 टन रही है. मूल्य के आधार पर देखें तो इस दौरान ज्वेलरी मांग 29 फीसदी घटकर 24,100 करोड़ रुपये रही. हालांकि, सोने के सिक्के, बार और ईटीएफ की मांग में तेजी देखने को मिली है. पिछली तिमाही के दौरान सोना में निवेश 52 फीसदी बढ़कर 33.8 टन पर पहुंच गया है. मूल्य के आधार पर सोने में निवेश की मांग 15,410 करोड़ रुपये बढ़ गई है.

पूरी दुनिया में घटी सोने की मांग
जुलाई-सितंबर के दौरान वैश्विक स्तर पर भी साल-दर-साल के आधार पर सोने की मांग 19 फीसदी कम होकर 892 टन पर आ गया है. सोना खरीदने वाले संभावित खरीदारों पर कोविड-19 महामारी का असर पड़ा है. WGC ने कहा कि 2009 के बाद किसी भी तिमाही के लिए यह न्यूतनम आंकड़ा है.



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वैश्विक स्तर पर भी सोने में निवेश बढ़ा
वैश्विक स्तर पर साल-दर-साल के आधार पर सोने में निवेश 21 फीसदी तक बढ़ा है. पूरी दुनियाभर में निवेशकों ने 221.1 टन सोने में निवेश किया है. इसमें सोने के सिक्के और बार शामिल हैं. इसके अतिरिक्त निवेशकों ने 272.5 टन सोने में ईटीएफ के तौर पर निवेश किया गया है.

क्या है सोने की मांग में कमी कार कार
जानकारों का कहना है कि इस साल सोने की मांग में यह बड़ी गिरावट कई कारणों से है. उनका कहना है कि बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग है, अर्थव्यवस्था में सुस्ती, सोने की के भाव में रिकॉर्ड तेजी की वजह से ग्राहक सोने के आभूषण नहीं खरीद पा रहे हैं.



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टूट सकता है पिछले 25 साल का रिकॉर्ड
अगर सोने की मांग में यह गिरावट जारी रहता है तो यह भी संभव है कि इस कैलेन्डर ईयर (CY20 - Calender Year 2020) में सोने की मांग बीते 25 साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच जाए. इस साल अभी तक सोने की मांग केवल 252 टन तक की है. पिछले साल यह 496 टन की थी. हालांकि, आने वाली तिमाही में कई ऐसे इवेंट्स हैं, जिसकी वजह से सोने की मांग में तेजी देखने को मिल सकती है. आर्थिक गतिविधियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं. इस बीच फेस्टिवल सीजन भी शुरू हो चुका है. उसके बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा. यही कारण है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच सोने की मांग में तेजी की उम्मीद की जा रही है.
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