चांदी ने 2021 में अब तक दिया गोल्‍ड से ज्‍यादा फायदा, जानें अभी करें निवेश तो साल के अंत तक कितना मिलेगा मुनाफा

चांदी इस समय 2021 के आपनिंग प्राइस से काफी ऊपर चल रही है, जबकि सोना निचले स्‍तर पर है.

चांदी इस समय 2021 के आपनिंग प्राइस से काफी ऊपर चल रही है, जबकि सोना निचले स्‍तर पर है.

निर्माण कार्यों में तेजी आने के साथ ही चांदी की कीमतों (Silver Prices) में बढ़त होने लगी है. इसके अलावा चांदी की मांग के मुकाबले घटती आपूर्ति ने भी कीमतों में उछाल पैदा कर दिया है. अमेरिका (US), चीन (China) और यूरोपीय देशों (European Union) में अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के साथ ही इसकी मांग बढ़ रही है.

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नई दिल्‍ली. भारतीय बाजारों में एक सप्‍ताह से सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Prices) में बढ़त दर्ज की जा रही है. वहीं, 2021 में अब तक चांदी ने निवेशकों को सोने के मुकाबले कहीं ज्‍यादा मुनाफा (Profit) कमाकर दिया है. दरअसल, गोल्‍ड की कीमत इस साल के ओपनिंग प्राइस 50,180 रुपये प्रति 10 ग्राम से 4.39 फीसदी नीचे चल रही हैं. इसके उलट चांदी के दाम (Silver Price) ओपनिंग प्राइस 68,254 रुपये प्रति किग्रा से करीब 5 फीसदी बढ़े हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी का कीमती और औद्योगिक धातु के तौर पर दोहरा इस्‍तेमाल होता है. इसलिए इसकी कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी देखने को मिली है.

चांदी की कीमतों में क्‍यों लगातार दर्ज हो रही है बढ़ोतरी

निर्माण कार्यों में तेजी आने के साथ ही चांदी की कीमतों में बढ़त होने लगी है. इसके अलावा चांदी की मांग (Demand) के मुकाबले घटती आपूर्ति (Supply) ने भी कीमतों में उछाल का माहौल पैदा कर दिया है. रेलिगेयर कमोडिटीज लिमिटेड (RCL) की सुगंधा सचदेव का कहना है कि चांदी कीमती धातु के साथ ही इंडस्ट्रियल मेटल भी है. अमेरिका (US), चीन (China) और यूरोपीय देशों (European Union) में अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के साथ ही इसकी मांग बढ़ रही है. वहीं, खनन आपूर्ति में कमी से इसकी कीमतें बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि बेस मेटल कॉम्प्लेक्स में ब्रॉड बेस रैली देखने को मिली है. तमाम बेस मेटल कई-कई साल के उच्‍चस्‍तर पर पहुंच गए हैं. इससे चांदी का सेंटिमेंट सुधरा है.

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साल के आखिर तक कितना मुनाफा देंगे सोना-चांदी

आईआईएफएल सिक्‍योरिटीज (IIFL Securities) के अनुज गुप्ता ने मनीकंट्रोन से कहा कि पूरे बेस मेटल कॉम्प्लेक्स में तेजी और चीन, अमेरिका व दूसरे यूरोपीय देशों में इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने से चांदी की आपूर्ति तथा मांग में बड़ा गैप पैदा कर दिया है. सुगंधा सचदेवा का कहना है कि मीडियम टर्म में चांदी की कीमतें 75,500-76,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती हैं. वहीं, लंबी अवधि में या 2021 के आखिर तक इसकी कीमतें 85,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं. वहीं, सोने की कीमतें 52,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू सकती हैं. लंबी अवधि में इसकी कीमतें 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का स्तर छू सकती हैं.

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