सोने पर दीवानी हुई दुनिया! कीमत जा सकती है 40 हजार रुपये के पार, आपके पास पैसा बनाने का बेस्ट मौका

सोना (Gold) खरीदना हम भारतीयों (Indians) की पहली पसंद है. लेकिन अब दुनियाभर के लोगों को भी सोना खरीदना खूब भा रहा है. इसीलिए सोने के दाम फिर से नए शिखर यानी 10 ग्राम सोने के दाम 38000 रुपये पार पहुंच गए हैं. आइए जानें अब कब होगा सस्ता?

Ankit Tyagi | News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 11:53 PM IST
Ankit Tyagi | News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 11:53 PM IST
सोना खरीदना हम भारतीयों की पहली पसंद है. लेकिन अब दुनियाभर के लोगों को भी सोना खरीदना खूब भा रहा है. इसीलिए सोने के दाम फिर से नए शिखर पर हैं. दिल्ली के सर्राफा बाजार में पहली बार 10 ग्राम सोने (Gold Price) की कीमत 38000 रुपये के पार पहुंच गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में सोने की कीमतों में तेजी अमेरिका-चीन के बीच जारी 'ट्रेड वॉर' (Trade War) के चलते आई है. क्योंकि इसकी वजह से ग्लोबल अर्थव्यवस्था (Global Economy) में सुस्ती है. इसीलिए शेयर बाजार (Stock Market) में गिरावट आई है. ऐसे में निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश के लिए सोना सबसे बेहतर ऑप्शन बन गया है.

सोने की कीमतों में और आ सकती है तेजी- केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि सोने की कीमतों में फिलहाल तेजी थमने की संभावना नजर नहीं आ रही है. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें अगले कुछ महीनों में 41,000 रुपये प्रति दस ग्राम तक जा सकती हैं.

उनका कहना है कि दुनियाभर में सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने में खरीदारी किए जाने से सोने को सपोर्ट मिला है. साल 2019 की दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 224.4 टन सोने की खरीदारी की हैं. वहीं, साल 2019 की पहली छमाही के आंकड़ों को देखें तो यह 374.1 टन है. इसके अलावा ईटीएफ की खरीदारी में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है.

सोने की ज्वैलरी से ज्यादा फायदेमंद है ईटीएफ में पैसा लगाना (फाइल फोटो)


सोने में क्यों आ रही है तेजी-

(1) ग्लोबल राजनीतिक संकट से अनिश्चितता है
(2) सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की डिमांड बढ़ी है
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(3) सेंट्रल बैंकों लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं
(4) शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा

आखिर क्यों सोने में ही पैसा लगाना सबसे बेहतर- अगर साल की शुरुआत से अब तक देखें तो सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला सोना ही है. अगर आपने जनवरी महीने में सोना खरीदा होता तो आपको 10 फीसदी का मुनाफा मिलता. वहीं, शेयर बाजार में यह रिटर्न सिर्फ 5 फीसदी का रहा है.



अगर आपने बैंक में फिक्सड डिपॉजिट (एफडी) किया है तो मौजूदा दौर में औसतन 6.5 फीसदी की रिटर्न मिल रहा है. इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में लोगों को 1 फीसदी का मामूली फायदा हुआ है. वहीं, म्युचूअल फंड्स की हालात बहुत ही ज्यादा खराब है. उसमें पैसा लगाने वालों की रकम बढ़ने की जगह अब कम हो गई है.

इसीलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि आप भी गोल्ड म्युचूअल फंड्स या फिर गोल्ड ईटीएफ में पैसा लगाकर मोटे रिटर्न हासिल कर सकते हैं.

ज्वैलरी खरीदने से ज्यादा अच्छा है ईटीएफ में पैसा लगाना-गोल्ड में निवेश फिजिकल फॉर्म में किया जाए या बॉन्ड या ​ETF में यह आप पर निर्भर करता है. अगर आसान शब्दों में समझें तो ग्रामीण इलाकों में सोने की खरीद, खपत के लिए की जाती है. वहां के लोग इसे ज्वैलरी या कॉइन यानी फिजिकल फॉर्म में खरीदना ज्यादा बेहतर मानते हैं.

वहीं शहरी क्षेत्रों में गोल्ड को खपत से ज्यादा निवेश विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. लिहाजा शहर में गोल्ड ईटीएफ और फ्यूचर ट्रेडिंग का ट्रेंड रहता है. इसके अलावा आप किस उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हैं, यह भी मायने रखता है.

अगर आप निकट अवधि में शादी या किसी अन्य फंक्शन के लिए सोने पर खर्च करना चाहते हैं तो ​इसके लिए फिजिकल फॉर्म ही बेस्ट रहेगी. शॉर्ट टर्म अवधि के लिए बॉन्ड या ईटीएफ लेना फायदेमंद नहीं रहता है.

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फाइनेंशियल एक्सपर्ट बताते हैं कि सोने के गहनों में निवेश करना उचित निर्णय नहीं है. हम आपको इसकी वजह बताते हैं. जब आप इसे बेचने जाते हैं तो आपको गहनों का मेकिंग चार्ज नहीं मिल पाता.

आप सोने में अगर निवेश करना ही चाहते हैं तो म्‍युचुअल फंडों के गोल्‍ड ईटीएफ के जरिए निवेश करें. एक्सपर्ट्स यह सलाह भी देते हैं कि सोने में एकमुश्‍त निवेश कभी न करें क्‍योंकि इसकी कीमतें घटती बढ़ती रहती हैं.

खरीद का मूल्‍य औसत हो इसके लिए आप समय-समय पर थोड़ा-बहुत गोल्‍ड ईटीएफ खरीद सकते हैं. सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड्स भी सोने में निवेश का अच्‍छा विकल्‍प है.

नए जमाने में आप ऐसे भी कर सकते हैं गोल्ड में इन्वेस्टमेंट- एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेटीएम, गूगल पे, फोनपे जैसे मोबाइल वॉलेट या ऐप द्वारा दी जा रही डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) खरीदने की सुविधा एक अच्छी पहल है.

लेकिन भारत में इसका ट्रेंड आने में वक्त लगेगा. इसकी वजह है कि भारत में लोगों का रुझान आज भी फिजिकल गोल्ड की तरफ ज्यादा है. उनका फिजिकल गोल्ड से एक भावनात्मक जुड़ाव है.

गहने खरीदते वक्त ऐसे बचें ठगी से-अगर आपसे कोई ज्वैलर्स कह रहा है कि वो आपको 24 कैरेट गोल्ड की ज्वैलरी दे रहा है तो वो झूठ ही नहीं बोल रहा, बल्कि आपके साथ ठगी भी कर रहा है. क्योंकि 24 कैरेट गोल्ड का सबसे शुद्ध रूप है और ये इतना मुलायम होता है कि इससे गहने नहीं बनाए जा सकते.

ज्वैलरी बनाने के लिए अधिकतर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है जिसमें होता है 91.6 प्रतिशत गोल्ड. गहना मजबूत और टिकाऊ बने इसके लिए इसमें चांदी, ज़िंक, तांबा या कैडमियम मिलाया जाता है.

गहने खरीदते वक्त ऐसे बचें ठगी से (फाइल फोटो)


आपको कितने कैरेट का सोना लेना है, ये पहले से तय कर लें. क्योंकि कैरेट के साथ सोने के गहनों की गुणवत्ता और कीमत में अंतर आता है. यानी जितने अधिक कैरेट का सोना उतना महंगा. सोना खरीदते समय उसकी क्वालिटी पर ज़रूर गौर करें.

अच्छा हो कि हॉलमार्क देखकर ही सोना ख़रीदें. हॉलमार्क एक तरह की सरकारी गारंटी है और इसे देश की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस करती है. इसका फायदा ये है कि जब आप इसे बेचने जाएंगे तो किसी तरह की डेप्रिसिएशन कॉस्ट नहीं काटी जाएगी यानी आपको मिलेगा सोने का खरा दाम.

सभी कैरेट का हॉलमार्क अलग होता है. यहां जानिए उनके नंबर्स
>> 23 कैरेट का नंबर 958
>> 22 कैरेट का नंबर 916
>> 21 कैरेट का नंबर 875
>> 18 कैरेट का नंबर 750
>> 14 कैरेट का नंबर 585
>> 9 कैरेट का नंबर 375

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First published: August 9, 2019, 9:17 PM IST
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