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आखिर क्‍यों ज्‍वैलरी हॉलमार्किंग की आखिरी तारीख एक साल और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं सर्राफ

देश में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है.

देश में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है.

कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और ऑल इंडिया ज्‍वैलर्स एंड गोल्ड्स्मिथ फेडरेशन ने सर्राफा व्यापारियों के पास रखे पुरा ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली. देश में सोने की ज्‍वैलरी (Gold Jewellery) की हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है. अब से ग्राहक जब भी कोई ज्‍वैलरी खरीदेंगे तो उस पर हॉलमार्क होना चाहिए जो उसकी शुद्धता के बारे में बता सके. केंद्र सरकार ने देश के सभी बड़े-छोटे ज्‍वैलर्स (Jewellers) और सर्राफों को 31 अगस्‍त तक का समय दिया है जिसमें सभी सर्राफ अपने पास मौजूद स्‍टॉक को हॉलमार्क करा लें.

    हालांकि केंद्र सरकार के इस फैसले पर अब सर्राफ और कारोबारी ज्‍वैलरी हॉलमार्किंग (Jewellery Hallmarking) की तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. खास बात है कि यह तारीख भी कोई एक दो महीने नहीं बल्कि एक साल बढ़ाने की मांग की मांग की जा रही है. इस बारे में केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को कन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और ऑल इंडिया ज्‍वैलर्स एंड गोल्ड्स्मिथ फेडरेशन ने आज एक संयुक्त पत्र भेजा है.

    जिसमें मांग की गई है कि सर्राफा व्यापारियों के पास रखे पुराने माल को हॉलमार्किंग से युक्त करने की अंतिम तारीख को 31 अगस्त , 2021 से बढ़ाकर 31 अगस्‍त 22 किया जाए. इससे देश के लाखों सर्राफा कारोबारी अपने पुराने माल को हालमार्क करा कर सरकार के नियमों का पालन कर सकेंगे. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और एआइजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि नकली हॉलमार्क को रोकने के लिए सरकार जहां माल बनता है वहीं पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जाए और HUID को पोर्टल पर रिटेलर या ग्राहक को ट्रांसफर करना बन्द किया जाए. ताकि रिटेलर को कोई भी इसका रिकॉर्ड नहीं रखने की आवश्यकता नहीं हो.

    उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आभूषणों के अल्टरेशन में बदलाव के वजन को 2 ग्राम से बढ़ाकर 5 ग्राम किया जाए और इसके लिए नोटिफिकेशन निकाला जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पोर्टल पर होने वाली वजन सम्बंधित गलतियों को सुधारने के लिए एडिट का बटन भी जल्‍द मिलेगा. यह भी सुझाव दिया कि हॉलमार्क के लिए मिक्स लॉट को भी स्वीकार करने और न्यूनतम एक/दो पीस को भी हॉलमार्क करने दिया जाए.  IS1417 में जरूरी बदलाव कर के आर्डर के सामान को हॉलमार्क करने के लिए XRF आधार के रूप में मान्य किया जाए. उन्होंने कहा कि बीआइएस केयर कैम्प पर सोने के आभूषणों के बारे में  सूचना दी जानी चाहिए.

    इसके साथ ही देश भर में हालमार्क के लिए केंद्र काफ़ी कम है और देश भर के लाखों सर्राफा व्यापारियों के पास पुराने स्टॉक के हज़ारों पीस पर हालमार्क कराना अनिवार्य है इस लिहाज से हालमार्क कराने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाया जाना ज़रूरी है जिससे सरकार के नियमों का पूरे तौर पर पालन किया जा सके. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हॉलमार्किंग की श्रेणियों को भी बढ़ाकर छह कर दिया है. अब से 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट की सोने की ज्‍वैलरी को अनुमति दी गई है.

    Tags: Confederation of All India Traders, Gold, Gold hallmarking, Jewellery companies

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