राहत! लॉकडाउन के कारण रद्द हुए हवाई टिकट के एवज में मिले क्रेडिट शेल को दो साल तक भुना सकेंगे यात्री!

राहत! लॉकडाउन के कारण रद्द हुए हवाई टिकट के एवज में मिले क्रेडिट शेल को दो साल तक भुना सकेंगे यात्री!
हेल्थ वर्कर्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एयरलाइंस कंपनियों से कहा है कि एयर टिकट रद्द होने पर हवाई यात्रियों (Flyers) को क्रेडिट की गई राशि को 2 साल तक नए टिकट खरीदने में इस्‍तेमाल करने की मंजूरी दी जाए. अब तक हवाई यात्री क्रेडिट के इस्‍तेमाल की अवधि को लेकर असमंजस में थे.

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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लॉकडाउन के दौरान रद्द हुई एयर टिकट का पूरा भुगतान मांग रहे हवाई यात्रियों (Flyers) को आंशिक राहत दे दी है. एयरलाइंस कंपनियों (Airlines) ने लॉकडाउन की घोषणा के बाद 25 मार्च से 1 जून के बीच की हवाई यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकट रद्द (Cancel) कर दिए थे. इसके बाद हवाई यात्रियों को क्रडिट शेल दे दिए गए थे, जिनका वे अगली हवाई यात्रा में इस्‍तेमाल कर सकते हैं. इन क्रेडिट शेल के इस्‍तेमाल की अवधि को लेकर असमंजस की स्थिति थी. आसान शब्‍दों में समझें तो लोग ये नहीं समझ पा रहे थे कि इन क्रेडिट शेल का इस्‍तेमाल वे कब तक कर सकते हैं.

किसी भी रूट की टिकट बुक कराने की दी जाए मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों को सुझाव दिया है कि हवाई यात्रियों को टिकट रद्द होने पर जारी किए गए क्रेडिट शेल (Credit Shell) के 2 साल तक इस्‍तेमाल की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने पूछा कि एयरलाइंस की ओर से जारी किए गए क्रेडिट शेल सीमित अवधि या समान रूट के लिए ही क्‍यों होने चाहिए? सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, एसके कौल और एमआर शाह की पीठ ने ये भी कहा कि हवाई यात्रियों को किसी भी रूट की टिकट बुक कराने में इन क्रेडिट शेल के इस्‍तेमाल की मंजूरी दी जानी चाहिए.

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रिफंड अवधि को लेकर भी असमंजस में थे हवाई यात्री


एयरलाइंस कंपनियों ने रद्द किए गए टिकट के एवज में ग्राहकों को जारी किए क्रेडिट शेल के जरिये एक साल के भीतर समान रूट (Same Route) के टिकट बुक कराने में इस्‍तेमाल की पेशकश की थी. इससे हवाई यात्रियों को काफी निराशा हुई थी. साथ ही टिकट रद्द किए जाने पर रिफंड (Refund) की अवधि को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार (Central Government) से इस मामले में एयरलाइंस कंपनियों से बात कर पूरे पैसे वापस लौटाने के तरीकों पर चर्चा करने को भी कहा है. अब कोर्ट तीन सप्‍ताह बाद इस मामले की फिर सुनवाई करेगा.

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स्‍पाइसजेट ने किया बचाव, पक्षकार बनाने की मांग की
स्‍पाइसजेट (SpiceJet) ने कहा कि दुनिया की कोई भी कंपनी हवाई यात्रियों को टिकट रद्द किए जाने पर पूरे पैसे वापस नहीं लौटा रही है. फ्लाइंग कॉस्‍ट (Flying Cost) का 49 फीसदी हिस्‍सा फिक्‍स्‍ड रहता है. इस दौरान एयरलाइंस कंपनियों को एक पैसे की भी कमाई नहीं हुई है. ऐसे में पैसे लौटाना मुश्किल हो जाएगा. लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर की एयरलाइंस कंपनियों के सामने चुनौती भरा समय चल रहा है. लॉकडाउन में छूट के बाद भी यात्रियों की संख्‍या बहुत कम है. स्‍पाइसजेट ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में खुद को पक्षकार (Party) बनाने की मांग की है.

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