सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को मालामाल करने के लिए बजट में आ सकती है नई स्कीम!

सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को मालामाल करने के लिए बजट में आ सकती है नई स्कीम!
बैंक के हर स्तर के कर्मचारियों को ई-सॉप (ESOPs) देकर मालिकाना दिया जाए.

आर्थिक सर्वे में सुझाव के तौर पर कहा गया है कि सरकार बैंक कर्मचारियों को भी अपनी हिस्सेदारी में भागीदार बनाए. अगर आसान शब्दों में कहें तो बैंक के हर स्तर के कर्मचारियों को ई-सॉप (ESOPs) देकर मालिकाना हक दिया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2020, 5:02 PM IST
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नई दिल्ली. संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 में सरकारी बैंक के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी निकलकर आई है. सर्वे में सुझाव के तौर पर कहा गया है कि सरकार बैंक कर्मचारियों को भी अपनी हिस्सेदारी में भागीदार बनाए. अगर आसान शब्दों में कहें तो बैंक के हर स्तर के कर्मचारियों को ई-सॉप (ESOPs) देकर मालिकाना हक दिया जाए. ESOPs कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर दिए जाने चाहिए. इससे बैंकों को बड़ा फायदा मिलेगा. क्योंकि बैंक की मार्केट वैल्यू बढ़ने पर उनको मिले शेयर्स के भी दाम बढ़ेंगे. इससे उनके लिए वेल्थ क्रिएशन में मदद मिलेगी. साथ ही, उन्हें सीधा-सीधा फायदा होगा. वहीं, इससे बैंक कर्मचारियों के काम-काज के तौर-तरीकों में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे.

क्या होता है ESOPs- एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ईएसओपी) कर्मचारियों के हित में बनाई गई एक योजना है. इस प्लान के तहत कर्मचारी कंपनी के शेयरों का हकदार बन सकता है. अन्य योजनाओं की तुलना में ईएसओपी कर्मचारियों को ज्यादा फायदा कराती है. कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़े रखने के लिए भारत तथा विदेशों में कई कंपनियां इस प्लान का उपयोग कर रही हैं. यह तरीका आईटी कंपनियों में सबसे अधिक प्रचलित है.

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आर्थिक सर्वेक्षण 201-20 संसद में पेश

विदेश में, ईएसओपी में मौजूद ‘ओ' का मतलब है मालिकाना हक से है. अर्थात प्रमोटर को बिना कोई शुल्क दिए कर्मचारी शेयर का मालिक बन जाता है. जबकि भारत में, कंपनी की लागत को बढ़ाए बिना कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें कंपनी के साथ जोड़े रखने के लिए ईएसओपी योजना का इस्तेमाल किया जाता है.

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संसद में पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, वित्‍त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही में देश की अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) पटरी पर लौट आएगी. इसके बाद वित्‍त वर्ष 2021 में इसके मजबूत स्थिति में पहुंचने का अनुमान जताया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि जुलाई-सितंबर 2019 में जीडीपी ग्रोथ 4.5 रही थी, जो 2013 के बाद सबसे निचले स्‍तर पर रही.

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