किसानों के लिए अच्‍छी खबर! वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही के दौरान कृषि निर्यात में बंपर बढ़ोतरी

चालू वित्‍त वर्ष की पहली छमाही में कृषि उत्‍पादों के निर्यात में बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
चालू वित्‍त वर्ष की पहली छमाही में कृषि उत्‍पादों के निर्यात में बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

कोरोना संकट के बीच वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर के बीच कृषि उत्‍पादों के निर्यात (Agricultural Exports) में 43 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्‍त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में देश से 37 हजार करोड़ रुपये के कृषि उत्‍पादों का निर्यात किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 5:24 AM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान कृषि उत्‍पादों के निर्यात में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले देश से 43.4 फीसदी ज्‍यादा कृषि उत्‍पादों का निर्यात किया गया है. केंद्रीय कृषि व किसान कल्‍याण मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्‍त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 53,626.6 करोड़ रुपये के कृषि उत्‍पाद विदेश भेजे गए. वहीं, वित्‍त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही के दौरान 37,397.3 करोड़ रुपये के कृषि उत्‍पादों का निर्यात किया गया था.

सितंबर 2020 में कृषि उत्‍पादों का निर्यात 82 फीसदी बढ़ा
सितंबर 2020 की बात की जाए तो देश से पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 82 फीसदी ज्यादा कृषि उत्‍पादों का निर्यात किया गया है. मंत्रालय ने बताया कि सितंबर 2020 में कृषि निर्यात 9,296 करोड़ रुपये का रहा, जो सितंबर 2019 में 5,114 करोड़ रुपये का रहा था. दूसरे शब्‍दों में समझें तो इस साल सितंबर में पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले कृषि उत्‍पादों का 81.7 फीसदी ज्‍यादा निर्यात हुआ.

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आवश्‍यक कृषि वस्‍तुओं के निर्यात में आई 43.4% वृद्धि


केंद्रीय कृषि व किसान कल्‍याण मंत्रालय ने कहा कि कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे ठोस प्रयासों के नजीते सामने आने लगे हैं. कारोना संकट के बाद भी अप्रैल-सितंबर 2020 की अवधि में आवश्यक कृषि वस्तुओं के निर्यात में 43.4 फीसदी की वृद्धि हुई है. इस दौरान मूंगफली निर्यात में 35 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसी तरह रिफाइंड शुगर के निर्यात में 104 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस दौरान गेहूं के निर्यात में 206 फीसदी, बासमती चावल में 13 फीसदी और गैर-बासमती चावल में 105 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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व्‍यापार संतुलन देश के पक्ष में 9,200 करोड़ रुपये रहा
अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान व्यापार संतुलन देश के पक्ष में 9,002 करोड़ रुपये रहा. वहीं, पिछले साल की समान अवधि में 2,133 करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ था. सरकार ने कृषि उत्‍पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये कृषि निर्यात नीति 2018 की घोषणा की थी. इसके तहत फल, सब्जियां और मसाले जैसे एक्सपोर्ट सेंट्रिक फार्मिंग के लिए क्लस्टर बेस्ड अप्रोच अपनाया गया. इसके तहत देश भर में विशेष कृषि उत्पादों के लिए क्षेत्रों की पहचान की जाती है और फिर उन्हें जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती है. इसके तहत कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं.

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एग्री ट्रेड प्रमोशन के लिए कार्य योजना बना रहा है केंद्र
खेती और बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एग्री एक्सपोर्ट प्रमोशन बॉडी (APDA) के तहत एग्री एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम (EPFs) स्थापित किए गए. ये ईपीएफ केला, अंगूर, आम, अनाज, दुग्ध उत्पाद, बासमती चावल और गैर बासमती चावल के लिए बनाए गए. ईपीएफ का काम ग्‍लोबल मार्केट में निर्यात को बढ़ावा देने के प्रोडक्शन और सप्लाई चैन तक पहुंचकर मदद करना है. इसके अलावा सरकार ने एग्री बिजनेस इनवायरमेंट को सुधारने के लिए एक लाख करोड़ के एग्री इंफ्रा फंड की घोषणा की है, जो एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगा. कृषि मंत्रालय एग्री ट्रेड के प्रमोशन के लिए व्यापक कार्य योजना भी तैयार कर रहा है.
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