खुशखबरी! बिल्डरों को अब वापस देने होंगे घर खरीदारों से लिए हुए ये पैसे

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने होम बायर्स के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. जानिए क्या है ये फैसला.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 9:47 AM IST
खुशखबरी! बिल्डरों को अब वापस देने होंगे घर खरीदारों से लिए हुए ये पैसे
होम बायर्स के हित में कोर्ट का फैसला
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Updated: July 8, 2019, 9:47 AM IST
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने होम बायर्स के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. NCDRC ने बिल्डर्स को कहा है कि वे ये सुनिश्चित करें की घर खरीदार को प्रॉपर्टी के पज़ेशन में देरी होने पर, ग्राहकों द्वारा दिए गए होम लोन के ब्याज का पैसा भी वापस दिया जाए. ऐसा करने से ग्राहकों को बड़ी सहूलियत मिलेगी.

NCDRC ने ये डिसिशन 20 होम बायर्स कि याचिका पर लिया है. ये याचिका 2012 में वेव गार्डन मोहाली में 10 करोड़ रुपए खर्च घर खरीदने वाले लोगों ने दायर की थी. बिल्डर ने 2015 में पज़ेशन देने का वादा किया था लेकिन वे 7 साल में भी पज़ेशन नहीं दे पाया.

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बिल्डर के ऊपर कोर्ट ने लगाया इतने लाख का जुर्माना

NCDRC ने बिल्डर को मुआवजे के रूप में 1 लाख रुपये और प्रत्येक होमब्यूयर को मुकदमेबाजी के रूप में 1 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है. आयोग ने अनुचित व्यापार व्यवहार में लिप्त होने के लिए कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और चार सप्ताह के भीतर सारा पैसा जमा करने का निर्देश दिया है.

सरकार एक ही प्लेटफाॅर्म पर आएंगे सभी राज्यों के RERA
घर खरीदारों को केंद्र सरकार एक बड़ी सहूलियत देने जा रही है. केंद्र ने प्लानिंग की है कि सभी राज्य व यूनियन टेरिटरीज के रियल एस्टेट रेगयुलेटरी अथॉरिटीको एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे घर खरीदार, बिल्डर्स और संबंधित प्राधिकरणों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी राज्यों के बारे में जानकारी मिल सकेगी.
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मकान खरीदते समय ये सावधानी बरतें 
टाइटल डीड: उस जमीन के टाइटल डीड की जांच करना सबसे ज्यादा जरूरी है जिस पर ऐसेट, प्रॉजेक्ट या मकान स्थित है.

अस्वीकृति की सूचना: यह एक तरह की अनुमति या मंजूरी और 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' है जिसे बिल्डर को निर्माण के विभिन्न चरणों के दौरान विभिन्न निकायों से प्राप्त करना पड़ता है. मसलन, पीडीब्ल्यूडी, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, पर्यावरण विभाग, यातायात एवं समन्वय विभाग आदि.

बाधा प्रमाणपत्र: आप किसी ऐसी संपत्ति में निवेश करना नहीं चाहेंगे जिस पर कोई मुकदमा चल रहा हो या कोई कानूनी या मौद्रिक देनदारी हो? ब्रोकर और बिल्डर, वास्तविक उपभोक्ताओं या निवेशकों से इस सच्चाई को छिपाना चाहेंगे.

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First published: July 8, 2019, 9:03 AM IST
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