FD में निवेश करने वालों के लिए अच्‍छी खबर! मुनाफे पर 31 जुलाई तक नहीं कटेगा टैक्‍स

FD में निवेश करने वालों के लिए अच्‍छी खबर! मुनाफे पर 31 जुलाई तक नहीं कटेगा टैक्‍स
केंद्र सरकार ने एफडी में निवेश करने वालों के लिए राहत देते हुए फॉर्म-15G और 15H जमा करने की अवधि बढ़ा दी है.

अगर आपने देश के किसी भी सरकारी, प्राइवेट बैंक (SBI, PNB ICICI Bank, Axis Bank) या पोस्ट ऑफिस (Post Office) में एफडी (Fixed Deposit) कराई है तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. दरअसल, सरकार ने एक ऐसा फॉर्म जमा करने की तारीख एकबार फिर बढ़ा दी है, जिसे समय से नहीं भरने पर बैंक आपके मुनाफे पर 10 फीसदी टैक्‍स काट लेगा.

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नई दिल्ली. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने सरकारी या निजी बैंक और पोस्‍ट ऑफिस में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) कराने वालों के लिए फॉर्म-15G या फॉर्म-15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा कराने की अवधि बढ़ा दी है. आयकर विभाग ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि अब एफडी (FD) कराने वाले निवेशक 31 जुलाई 2020 तक ये दोनों फॉर्म जमा करा सकते हैं यानी 31 जुलाई तक आपको मिलने वाले ब्‍याज पर टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाएगा. आयकर विभाग ने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करने की अवधि भी 15 अगस्‍त 2020 तक बढ़ाई गई है.

टैक्‍स दायरे से बाहर वालों को भरने हैं ये फॉर्म
निवेशकों की ओर से फॉर्म-15G और 15H बैंक या पोस्ट ऑफिस में एफडी पर मिलने ब्‍याज पर टैक्स कटौती से बचने के लिए जमा किया जाता है. ये दोनों फॉर्म सिर्फ उन निवेशकों को भरने होते हैं, तो टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं. आसान शब्‍दों में समझें तो एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस कटने से बचाने के लिए दोनों फार्म भरने बेहद जरूरी होते हैं. अगर जमाकर्ता यह फार्म नहीं भरता है तो बैंक ब्याज की रकम पर 10 फीसदी टीडीएस काट लेता है.

क्यों जरूरी है ये फॉर्म जमा करना?
किसी फाइनेंशियल ईयर में एफडी पर ब्याज से होने वाली आमदनी एक निश्चित सीमा को पार कर जाती है तो बैंकों को टीडीएस (स्रोत पर कर में कटौती) काटना अनिवार्य होता है. इसीलिए जमाकर्ता को फॉर्म-15G या फॉर्म-15H के जरिये यह घोषणा करनी होती है कि उनकी आय टैक्स योग्य सीमा से कम है. खाताधारकों की ओर से फॉर्म-15G और फॉर्म-15H यह सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है कि उनकी आय पर टीडीएस नहीं काटा जाता है. फॉर्म-15G या 15H जमा कर आप ब्याज या किराये जैसी आमदनी पर TDS से बच सकते हैं. इन फॉर्म को बैंक, कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने वाली कंपनियों, पोस्ट ऑफिस या किराएदार को देना पड़ता है.



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कौन-कौन जमा सकता है ये फॉर्म?
फॉर्म-15G का इस्तेमाल 60 साल से कम उम्र के भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार यानी HUF या ट्रस्ट कर सकते हैं. इसी तरह 60 साल से ज्यादा की उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए फॉर्म-15H होता है. 15G और 15H की वैधता केवल एक साल के लिए होती है. इन्हें हर साल जमा करने की जरूरत पड़ती है.

अगर टैक्स कट जाए तो कैसे पाए पैसे वापस?
फॉर्म-15G या 15H के जमा करने में देरी के कारण काटे गए अतिरिक्त TDS का रिफंड केवल इनकम टैक्स रिफंड फाइल कर ही लिया जा सकता है.

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SBI में एफडी कराने वाले घर बैठे ये फॉर्म कैसे जमा कर सकते हैं?
ग्राहक 'ई-सेवाएं', '15G / H' विकल्प चुनें. अब, फॉर्म 15G या फॉर्म 15H चुनें.इसके बाद Customer Information File (CIF) No पर क्लिक करें और सबमिट कर दें. Submit'button पर क्लिक करने के बाद यह आपको एक पेज पर ले जाएगा, जिसमें कुछ पहले से भरी हुई जानकारी होगी. इसके बाद अन्य जानकारी भरें.
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