बड़ी खबर- 4 दिन बाद आज सस्ता हो सकता है सोना! इस वजह से कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट

बड़ी खबर- 4 दिन बाद आज सस्ता हो सकता है सोना! इस वजह से कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट
सोने की कीमतों में आ सकती है गिरावट

सोने (Gold Price Today) की कीमतों में 4 दिन से जारी तेजी बुधवार को थम सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि वायदा बाजार में कीमतें लुढ़क गई है. इसीलिए घरेलू स्तर पर सोना सस्ता हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2020, 12:41 PM IST
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नई दिल्ली. सोने और चांदी (Gold Price) की कीमतों में बुधवार को भारी गिरावट आ सकती है. दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय स्तर और वायदा बाजार (Gold Price on MCX) में कीमतें लुढ़क गई है. आपको बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में 10 ग्राम सोने के दाम 46,833 रुपये से बढ़कर 47,235 रुपये हो गए. इस दौरान कीमतों में 402 रुपये की तेजी आई है. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें बढ़कर 1705 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं, सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी आई. मंगलवार को  दिल्ली में 1 किलोग्राम चांदी के दाम 48,451 रुपये से बढ़कर 49,344 रुपये हो गए. इस दौरान चांदी के दाम 893 रुपये तक बढ़ गए. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें 17.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.

अब क्या होगा- एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में फिर से तेजी आने लगी है. इस बीच निवेशकों का रुझान भी सोने से कम होकर शेयर की ओर बढ़ा है. हालांकि, भारत और चीन के बीच जो तनाव है वो अक्सर टल जाता है. इसीलिए सोने की कीमतों में मुनाफावसूली हो सकती है. पिछले दो साल में सोना 50% से अधिक रिटर्न दिया है. ऐसे में अब मुनाफावसूली हावी है. लोग पुराने सोने भी बेच रहे हैं क्योंकि पुराने सोने को बेचने के लिए उच्च कीमतें आकर्षक हैं.

एक्सपर्ट्स जवाब देते हुए कहते हैं कि सोने की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है. इनमें आर्थिक और पॉलिटिकल कारण सबसे अहम हैं. ये घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के हो सकते हैं. जैसे अगर हमारे देश की सरकार ने सोने के इंपोर्ट से जुड़ा कोई नया नियम लागू किया है तो इसका असर सोने की कीमत पर पड़ेगा. इसी तरह सोने का एक्सपोर्ट करने वाले देश में किसी साल उत्पादन घट जाता है तो इसका असर भी घरेलू बाजार में सोने की कीमत पर पड़ेगा. इसी तरह देश में या विदेश में ऐसे कई घटनाएं होती हैं, जिनका असर सोने की कीमत पर पड़ता है.



आइए जानें कैसे तय होती हैं सोने की कीमतें..
बाजार में आप जिस कीमत पर सोना ज्‍वैलर्स से खरीदते हैं, वह स्पॉट प्राइस यानी हाजिर भाव होता है. ज्यादातर शहरों के सर्राफा एसोसिएशन के सदस्य मिलकर बाजार खुलने के समय दाम तय करते हैं. एमसीएक्स वायदा बाजार में जो दाम आते हैं, उसमें वैट, लेवी एवं लागत जोड़कर दाम घोषित किए जाते हैं.

वहीं दाम पूरे दिन चलते हैं. यही वजह है कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं. इसके अलावा, स्‍पॉट मार्केट में सोने की कीमत शुद्धता के आधार पर तय होती है.22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है.

MCX पर कैसे तय होते हैं दाम-मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) भारतीय बाजार में सोने की मांग-आपूर्ति के आंकड़ों को जुटाकर और ग्लोबल मार्केट में मुद्रास्फीति की स्थिति को ध्यान में रखकर सोने की कीमतें तय करता है.

सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व दुनिया में अमेरिका के पास मौजूद है. यूएस के पास 8133.5 टन सोना रिजर्व में है, जो फॉरेक्स रिजर्व का 76.9% है.
सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व दुनिया में अमेरिका के पास मौजूद है. यूएस के पास 8133.5 टन सोना रिजर्व में है, जो फॉरेक्स रिजर्व का 76.9% है.


साथ ही, यह संगठन लंदन स्थित लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के साथ समन्वय करते हुए भी सोने की कीमत तय करता है. वायदा बाजार के भाव पूरे देश में एक से रहते हैं. विदेश में कैसे तय होती हैं सोने की कीमतें-सोने की कीमतें कई फैक्टर से तय होती हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें तय करने के लिए लंदन में एक संचालन और प्रशासनिक इकाई है जो कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर काम करती है. पहली बार 1919 में सोने की कीमत फिक्स की गई थी.

2015 के पहले लंदन गोल्ड फिक्स सोने की नियामक इकाई थी जो कीमतें तय करती थीं लेकिन 20 मार्च 2015 के बाद एक नई इकाई लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) बनाई गई. इसे ICE प्रशासनिक बेंच मार्क चलाता है.

ICE ने 1919 में बने लंदन गोल्ड फिक्स ईकाई का स्थान लिया है. यह संगठन दुनिया के तमाम देशों की सरकारों से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के साथ मिलकर तय करता है कि सोने की कीमत क्या होनी चाहिए. लंदन के समय अनुसार दिन में दो बार सुबह 10:30 और शाम को 3 बजे सोने की कीमतें तय होती हैं.
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