Google और Jio की डील से सदमे में आई चीनी कंपनियां, क्या खत्म हो जाएगा भारत में Chinese कंपनियों का दबदबा?

Google और Jio की डील से सदमे में आई चीनी कंपनियां, क्या खत्म हो जाएगा भारत में Chinese कंपनियों का दबदबा?
Google-Jio की डील से सदमे में आई चीनी कंपनियां, क्या खत्म हो जाएगा दबदवा?

जियो और गूगल (Google and Jio) दोनों मिलकर एंड्रॉइड बेस्ड एक किफायती फोन बाजार मे पेश करेंगे. इसके बाद से भारतीय बाजार में जमी हुई चीनी कंपनियों में खलबली मच गई है. चीन का भारतीय मोबाइल उद्योग और बाजार में दबदबा रहा है लेकिन जियो को बाजार का समीकरण बदलने के लिए जाना जाता है.

  • Share this:
नई दिल्ली. रिलायस जियो (Reliance Jio) की 43 वीं एजीएम पिछले बुधवार को संपन्न हुई जिसमें रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कई ऐलान किये हैं. इसमें सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा रिलायंस जियों और गूगल की भागादारी (Google Jio Tie up) की रही है. एजीएम में अधिकृत तौर पर बताया गया कि गूगल ने रिलायंस जियो में 33 हजार करोड़ का निवेश करके भागीदारी स्वीकार करेगा. इसके बाद जियो और गूगल दोनों मिलकर एंड्रॉइड बेस्ड एक किफायती फोन बाजार मे पेश करेंगे. इसके बाद से भारतीय बाजार में जमी हुई चीनी कंपनियों में खलबली मच गई है.

सदमे आ गई हैं चीनी मोबाइल कंपनियां
चीन का भारतीय मोबाइल उद्योग और बाजार में दबदबा रहा है लेकिन जियो को बाजार का समीकरण बदलने के लिए जाना जाता है. जियो जब से बाजार में आया तब से भारत में इंटरनेट, डेटा और कॉलिंग की दरों में जोरदार क्रांति दिखाई दी है. अब रिलायंस जियो के स्मार्टफोन बाजार में उतरने की तैयारी दिखा रहा है और इसके लिए जियो ने गूगल और क्वालकॉम के साथ भागादारी की है जिससे भारतीय बाजारों में अपना पैर जमा चुकी चीनी मोबाइल कंपनियां सदमे आ गई हैं.

भारतीय बाजारों में अभी तक है चीनी मोबाइल कंपनियों का दबदवा
इस समय भारतीय बाजारों में शाओमी, रियलमी, ओप्पो, विवो जैसे चीनी ब्रांड का कब्जा है. इसका कारण ये है कि एंट्री लेवल के फोन के कारण ये कंपनियां बहुत लोकप्रिय हुई हैं. बाजार की हिस्सेदारी में भी चीनी कंपनियों का दबदबा है. महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक मिड रेंज और प्रीमिय रेंज फोन में चीनी कंपनियां अपना वर्चस्व बना रही हैं फिर भी फिलहाल किफायती फोन के संबंध में चीन के फोन के लिए अलावा ग्राहकों के पास काफी कम विकल्प मौजूद हैं.



चीनी सामानों के बहिष्कार का माहौल जियो और गूगल के लिए फायदेमंद
चीनी कंपनियों को पहली बार ही इतनी चिंता हुई हैं क्योंकि उन्हें पता है कि जियो के बाजार में उतरते ही बाजार के समीकरण बदल सकते हैं. बाजार में नई क्रांति लाने के जियो के इतिहास से सभी परिचित हैं. इसलिए अब स्मार्टफोन बाजार में जियो के गूगल के साथ उतरने से बाजार में बड़े उथल-पुथल की उम्मीद की जा रही है. इस समय चीन के प्रति भारतीयों में रोष और चीनी सामानों के बहिष्कार का माहौल भी जियो और गूगल के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

जियो 5जी फोन बाजार में उतार सकता है
इसमें सबसे विशेष बात ये हैं कि रिलायंस जियो ने स्वदेशी 5जी विकसित करने का ऐलान भी किया इसलिए जियो 5जी फोन बाजार में उतारेगा इसमें कोई संदेह नहीं है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज