Google Pay आपके लिए लाने जा रहा नया फीचर, UPI के अलावा मिलेंगे ये पेमेंट ऑप्शंस

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गूगल पे पेमेंट नेटवर्क कंपनी वीज़ा और एसबीआई कार्ड से पार्टनरशिप के तहत पेमेंट के लिए टोकेनाइजेशन सुविधा लाने जा रहा है. गूगल पे अब सिर्फ UPI प्लेटफॉर्म से हर तरह का ट्रांजैक्शन करने वाला प्लेटफॉर्म बन जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 5:53 AM IST
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भारत में ऑनलाइन पेमेंट अनुभव को और भी बेहतर बनाने के लिए दिग्गज आईटी कंपनी गूगल की ईकाई Google Pay ने दो नई पार्टनरशिप की है. Google Pay ने कार्ड नेटवर्क कंपनी वीज़ा और एसबीआई कार्ड के साथ यह पार्टनरशिप की है. इसके बाद गूगल पे यूजर्स को टोकेनाइजेशन सुविधा का लाभ मिल सकेगा. गूगल पे और NBA के बिजनेस हेड सजित शिवनंदन ने कहा "हमें उम्मीद है कि टोकन सुविधा वर्तमान समय में उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रूप से और सुरक्षित रूप से लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के व्यापारिक लेनदेन का विस्तार करेगी।"

गूगल पे पर यूपीआई के अलावा भी अन्य पेमेंट विकल्प
पिछले साल सितम्बर में गूगल फॉर इंडिया कार्यक्रम में टोकनाइजेशन की घोषणा की गई थी. अब इस अमली जामा पहनाया जा रहा है. गूगल पे अब सिर्फ UPI प्लेटफॉर्म से पूर्ण ट्रांजेक्शन का प्लेटफॉर्म बन गया है. इससे पहले सम्बंधित बैंक के UPI से ही पेमेंट होता था लेकिन अब ग्राहक अपना कार्ड इसमें सेव करने के बाद UPI और कार्ड दोनों से पेमेंट कर पाएंगे.

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क्या है टोकनाइजेशन?


कार्ड पर होने वाली 16 अंकों की संख्या ग्राहक की पहचान होती है. वीजा उसे 16 अंकों की रैंडम संख्या में बदलकर वॉलेट में स्टोर करता है. इसके बाद कस्टमर कार्ड से पेमेंट करने की कोशिश करता है, तो वीजा व्यापारी को वास्तविक संख्या नहीं बताते हुए टोकन नम्बर शेयर करता है, इससे पेमेंट और ज्यादा सुरक्षित हो जाता है. इससे सुनिश्चित होता है कि कार्ड नम्बर छुपा हुआ है.

गूगल पे में यह कैसे काम करता है?
गूगल पे में वन टाइम पासवर्ड (OTP) की मदद से कार्ड को टोकन फ़ॉर्मेट में स्टोर किया जा सकता है. पेमेंट करने के लिए गूगल पे ओपन करें और कार्ड फॉर ट्रांजेक्शन सेलेक्ट करें. वन टाइम पासवर्ड से प्रमाणित करें और पेमेंट हो जाएगा. हर बार सोलह अंकों का कार्ड, सीवीवी नम्बर और एक्सपायरी डेट शेयर करने की जरूरत नहीं है. इससे ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट, बिल और ई-कॉमर्स पेमेंट हो जाता है और यह सुरक्षित भी रहता है.

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इसमें ग्राहकों को अपने मोबाइल फोन से पेमेंट करना है जो NFC (Near Field Communication) एनेबल होने चाहिए. भारत में ग्राहकों के पास ऐसे मोबाइल बहुत कम हैं इसलिए भारत में टोकन भुगतान अभी तक ज्यादा नहीं होता. गूगल पे में एक फायदा यह है कि कोई भी भारत QR कोड स्कैन करने के बाद कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं.

कैसे और कहां मिलेगा इस सुविधा का लाभ?
भारत में डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. शुरुआत में Axis बैंक और SBI के कार्डधारक इसका लाभ उठा सकते हैं बाद में इसे अन्य बैंकों से भी जोड़ा जाएगा. SBI बैंक प्रमुख भागीदार है इसलिए क्रेडिट कार्ड से भी लेनदेन खुल जाएगा. 25 लाख व्यापारिक पॉइंट पर इसे स्वीकार किया जा सकता है जिनमें से 15 लाख में भारत QR कोड है.

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गूगल पे इससे UPI प्लेटफॉर्म से सीधा पूरी तरह डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन जाएगा. कस्टमर गूगल पे पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगे. इससे गूगल के लिए व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा होंगे. साथ ही यह गूगल पे के लिए नए मर्चेंट लोकेशन भी खोलेगा। हालांकि यह कई साझेदारियों के माध्यम से ऐप पर मर्चेंट भुगतान को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है. गूगल एक व्यापक वित्तीय सेवा के खिलाड़ी के रूप में उभरना चाहता है.
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