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अगर आपके पास है ई-सिगरेट तो तुरंत करना होगा ये काम, नहीं तो जाना पड़ेगा जेल!

News18Hindi
Updated: September 18, 2019, 5:42 PM IST

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. अब दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास सिर्फ दो ही ऑप्शन है.

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  • Last Updated: September 18, 2019, 5:42 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ई-सिगरेट (E cigarette Bans in India) पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minster Nirmala Sitharaman) ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) को बनाने और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है. अब सवाल उठता है कि जिन दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास ई-सिगरेट मौजूद है तो वो क्या करें. ऐसे में दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास सिर्फ दो ही ऑप्शन है.

आइए जानें पूरा मामला...

आज क्या हुआ- केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने का फैसला किया है. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कि ई-सिगरेट को बनाना, आयात/निर्यात, बिक्री, वितरण, स्‍टोर करना और विज्ञापन करना सब पर प्रतिबंध है. वित्‍त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि 'ई-सिगरेट ऑर्डिनेंस 2019' को मंत्रियों के समूह ने कुछ समय पहले ही इस पर विमर्श किया था.

ई-सिगरेट पीने वालों को होगी जेल (फाइल फोटो)


>> ऑर्डिनेंस के ड्रॉफ्ट में स्‍वास्‍थ मंत्रालय ने प्रस्‍ताव दिया था कि पहली बार कानून का उल्‍लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये का जुर्माना और एक साल की सजा का प्रावधान हो.

>> आपको बता दें कि इससे पहले बीते अगस्त में ई-सिगरेट निषेध अध्यादेश, 2019 प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद एक जीओएम को भेजा गया था. ई-सिगरेट ऑर्डिनेंस को अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा. हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद ये कानून बन जाएगा. लेकिन इसे छह महीने में संसद में पास कराना होगा.

अब दुकानदार और स्टॉकिस्ट क्या करें- जिन दुकानदारों और स्टॉकिस्ट के पास E-cigarettes है उसे जल्द से जल्द नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा कर दें या फिर जहां से इंपोर्ट की उसे वापस एक्सपोर्ट कर दें.
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ई-सिगरेट (फाइल फोटो)


>> अब वहीं किसी व्यक्ति ने भी ई-सिगरेट अपने पास रखी है तो उसे पुलिस स्टेशन में जमा करा दें. नहीं तो कानून के उल्लंघन पर जेल और जुर्माने का भुगतान करना पड़ सकता है.

जेल और जुर्मान का प्रावधान- अध्यादेश के मसौदे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ एक साल क की अधिकतम सजा का प्रस्ताव था. मंत्रालय ने बार-बार अपराध करने वालों के लिए पांच लाख रुपये का जुर्माना और अधिकतम तीन साल की जेल की सिफारिश है.

>> ई-सिगरेट पर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. इसका सेवन करने वाले जहां इसे सुरक्षित बताते हैं, तो वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए व्यक्ति को इससे दूर रहना चाहिए.

>>  ई-सिगरेट के सेहत पर पड़ने वाले असर के चलते इसे कई देशों में पहले ही बैन किया जा चुका है.

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First published: September 18, 2019, 5:04 PM IST
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