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सरकारी बैंकों को दिसंबर में मिलेंगे 45-50 हजार करोड़ रुपये, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

सरकारी बैंकों को दिसंबर में मिलेंगे 45-50 हजार करोड़ रुपये, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

सरकारी बैंकों को दिसंबर में मिलेंगे 45-50 हजार करोड़ रुपये, जानिए ग्राहकों पर  क्या होगा असर

सरकारी बैंकों को दिसंबर में मिलेंगे 45-50 हजार करोड़ रुपये, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

सरकारी बैंकों को फिर से पटरी पर लाने के लिए बैंकों में 45-50 हजार करोड़ रुपये की रकम डालेगी. सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि पूंजी देने के लिए बैंकों के तिमाही नतीजों को आधार बनाया जाएगा.

    सरकारी बैंकों को फिर से पटरी पर लाने के लिए बैंकों में 45-50 हजार करोड़ रुपये की रकम डालेगी. सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि पूंजी देने के लिए बैंकों के तिमाही नतीजों को आधार बनाया जाएगा. आपको बता दें कि सोमवार को हुई आरबीआई की बोर्ड बैठक में तय किया गया है कि PCA के नियम आसान करने के लिए एक कमिटी गठित की जाएगी. पीसीए के तहत आने वाले बैंकों पर लोन देने के लिए कड़ी शर्तें लगाई गई हैं. फिलहाल 21 में से 11 बैंक इसके दायरे में हैं.

    आम आदमी पर क्या होगा असर- सरकारी बैंकों को पूंजी मिलने के बाद ये सब तेजी से विस्तार कर पाएंगे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पूंजी मिलने वाले बैंकों की हालत सुधरेगी तो ये सब अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाएंगे. ऐसे में एटीएम अपग्रेड होंगे. ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बैंक ज्यादा डिजिटल पर खर्च करेगा. मतलब साफ है कि बैंकों के ग्राहकों की सुविधाएं बढ़ जाएंगी

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    क्या है मामला
    >> अक्टूबर, 2017 में केंद्रीय कैबिनेट ने इन बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया गया था.
    >> उसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपये की राशि बांड्स व वित्तीय मदद के जरिये दी जानी थी.
    >> जुलाई, 2018 तक कुछ सरकारी बैंकों ने 71 हजार करोड़ रुपये के बांड्स जारी किये थे.
    >> लेकिन अभी 11 बैंकों पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने प्रांम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) लगाया हुआ है.
    >> पीसीए के तहत बैंक किसी भी ग्राहक को बड़ी मात्र में कर्ज नहीं दे सकते.
    >> इसके साथ ही उनकी शाखा विस्तार जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लग जाता है.
    >> इस वजह से इन बैंकों की बाजार से राशि जुटाने की क्षमता भी प्रभावित हो गई है.
    >> लिहाजा उनके समक्ष सरकार से निवेश के रूप में पूंजी लेने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है.
    >> सूत्रों का कहना है कि पीसीए से बाहर रहने वाले पीएनबी जैसे कुछ बैंकों को भी सरकार से बड़ी रकम मिल सकती है.(ये भी पढ़ें-पोस्ट ऑफिस बैंक: सिर्फ 10 रुपये में खुलता है खाता, घर बैठे मुफ्त में मिलेंगी सभी बैंकिंग सुविधाएं)

    सरकार दे चुकी हैं इतने रुपये-सरकार इसी वर्ष जनवरी में कई सरकारी बैंकों को 8,136 करोड़ रुपये और उसके बाद जुलाई में पांच सरकारी बैंकों को 11,336 करोड़ रुपये की राशि दे चुकी है. इस बार उन बैंकों को राशि उपलब्ध कराई जा रही है जो सीधे तौर पर गैर बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) को ज्यादा फंड उपलब्ध कराते हैं. सरकार का यह कदम रियल एस्टेट, ऑटो उद्योग को ज्यादा कर्ज दिलाने में मददगार साबित होगा.(ये भी पढ़ें-अब जितने चैनल उतने पैसे, 100 फ्री टू एयर चैनल के लिए देने होंगे 130 रुपये!)

     

    Tags: Largest lender SBI, Sbi, SBI Bank, SBI has slashed charges, SBI Quick, Sbi share price

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