बड़ी खबर! मजदूरों को राहत देने के लिए कानून में बदलाव कर सकती है सरकार, जल्द मिलेगी फिक्स्ड सैलरी, पेंशन और इंश्योरेंस

बड़ी खबर! मजदूरों को राहत देने के लिए कानून में बदलाव कर सकती है सरकार, जल्द मिलेगी फिक्स्ड सैलरी, पेंशन और इंश्योरेंस
मजदूरों को राहत देने के लिए ये बदलाव कर सकती है सरकार, मिलेगी पेंशन-इंश्योरेंस

प्रवासी मजदूरों (Migrant Labour) के मुद्दे पर लगातार आलोचना झेल रही सरकार जल्द कानून में बदलाव करने वाली है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी में है.

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नई दिल्ली. प्रवासी मजदूरों (Migrant Labour) के मुद्दे पर लगातार आलोचना झेल रही सरकार जल्द कानून में बदलाव करने वाली है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी में है. इसके लिए प्रवासी मजदूरों से जुड़े कानून में बदलाव संभव है. प्रवासी मजदूर के लिए पेंशन, हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं का प्रस्ताव है. एक तय रकम की सैलरी फिक्स हो सकती है.

हर वर्कर को अलग यूनिक ID कार्ड दिया जाएगा
सूत्रों के मुताबिक नए प्रावधानों के तहत प्रवासी मजदूरों को साल में एक बार अपने राज्य जाने का खर्च मिलेगा. इसके लिए Interstate Migrant Workmen Act 1979 में संशोधन होगा. ये प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में भेजा जा सकता है. इससे सभी तरह के प्रवासी मजदूरों को फायदा होगा. हर वर्कर को अलग यूनिक ID कार्ड दिया जाएगा. इसके बाद ऐसे कामगारों को हेल्थ इंश्योरेंस और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी.

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श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि कानूनी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और बीजू जनता दल सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति द्वारा प्रस्तावित संहिता में कुछ प्रावधानों को मंजूरी दे दी गई है. जिसमें आगे बदलाव किया जा सकता है.



सरकार से मनरेगा में 200 दिन के लिए रोजगार देने की भी मांग- कांग्रेस
उधर कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच मजदूरों और लोगों की समस्याओं पर कांग्रेस ने अपने स्पीक-अप इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की. कांग्रेस के मुताबिक वो ज़रूरतमंद और परेशान लोगों की आवाज उठाएगी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गरीब परिवारों के लिए हर महीने साढ़े सात हजार रुपये देने की मांग की. सोनिया ने केंद्र सरकार से मनरेगा में 200 दिन के लिए रोजगार देने की भी मांग की है.

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स्पीक अप इंडिया की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को संवेदनहीन बताया है. सोनिया ने कहा कि देश भर में मजदूरों और गरीबों की सिसकियां सबने सुनीं, लेकिन केंद्र सरकार नहीं सुन पाई. सोनिया ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार सभी के लिए आर्थिक राहत के लिए खजाने का ताला खोलें.
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