सरकारी बिजली कंपनियों ने 200 से ज्‍यादा जगहों पर बनाए कोविड सेंटर, जानें मिलेंगी क्‍या-क्‍या सुविधाएं

विजली क्षेत्र की केंद्रीय पीएसयू ने मिलकर कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं.

विजली क्षेत्र की केंद्रीय पीएसयू ने मिलकर कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं.

केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) ने अपने कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और उनके परिवारों की मदद के लिए देश में 200 से ज्‍यादा जगह आइसोलेशन सेंटर (Isolation Center) बनाए हैं. इसके अलावा अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन सुविधा वाले कोविड देखभाल केंद्र भी तैयार किए हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच बिजली मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) ने मिलकर कोविड-19 संक्रमितों के इलाज के लिए 200 से अधिक जगहों पर कोरोना केंद्र (Covid Centers) स्थापित किए हैं. बिजली मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 महामारी से मुकाबले के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की केंद्रीय कंपनियों ने देशभर में मौजूद अपने दफ्तरों कार्यालयों या इकाइयों में तैनात कर्मवारियों व आसपास के लोगों तक पहुंच के लिये बहुस्तरीय रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है.

CPSUs ने लोगों की मदद के लिए किए हैं ये भी काम

सीपीयूएस ने मिलकर अपने कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और उनके परिवारों की मदद के लिए देश की 200 से ज्‍यादा जगहों पर आइसोलेशन सेंटर (Isolation Center) स्थापित किए हैं. इसके अलावा अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन सुविधा वाले कोविड देखभाल केंद्र भी स्थापित किए गए हैं. सीपीएसयू ने कोविड संक्रमितों के आइसोलेशन के लिए केंद्रों की स्थापना, मास्क व सैनिटाइजर का वितरण, ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में विभिन्‍न स्थानों पर वैक्‍सीनेशन शिविर आयोजित करने के लिए सक्रियता के साथ कदम उठाए हैं. इसके अलावा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने और ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना भी की है.

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सीपीएसयू ने पीएम केयर्स फंड में डाले 925 करोड़ रुपये

बिजली क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों ने पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) में 925 करोड़ रुपये का योगदान भी दिया है. सार्वजनिक क्षेत्र की जल विद्युत कंपनी एनएचपीसी ने सीएसआर के तहत उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र (Oxygen Production Plant) स्थापित करने में 41.89 लाख रुपये की मदद की. इसके अलावा सीएसआर के तहत ही एनएचपीसी ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में एल-2 कोविड सुविधा वाले राजकीय जिला अस्पताल हेतु 5 लीटर प्रति मिनट (LPM) क्षमता वाले 60 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए 45 लाख रुपये उपलब्ध कराए.

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एनटीपीसी ने दिया 11 ऑक्‍सीजन प्‍लांट का खरीद ऑर्डर

फरीदाबाद की एनएचपीसी बादशाह खान जिला अस्पताल में सिलेंडर भरने की सुविधा वाला 1000 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रही है. इसकी खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है. संयंत्र को आठ हफ्तों में स्थापित कर दिया जाएगा. एनटीपीसी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए 11 ऑक्सीजन प्‍लांट का ऑर्डर दिया है. इसके अलावा दो बड़े प्‍लांट भी लगाए जाएंगे, जहां छोटे सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरने की सुविधा होगी. एनटीपीसी देश में 8 ऑक्सीजन प्‍लांट लगा रही है. बिजली मंत्रालय के तहत आने वाली आरईसी ने भी पुणे में दल्वी अस्पताल में 1700 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और 150 केवी जनरेटर प्लांट स्थापित करने के लिए 2.21 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है. आरईसी फाउंडेशन ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय चिकित्सा विद्यालय को कोविड-19 उपचार केंद्र बनाने में मदद की है.

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