टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत, 'विवाद से विश्वास' स्कीम की आखिरी तारीख बढ़ी, 31 मार्च तक निपटाएं टैक्‍स से जुड़े मामले

अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक टैक्स से जुड़े विवाद सुलझा सकते हैं.
अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक टैक्स से जुड़े विवाद सुलझा सकते हैं.

'विवाद से विश्वास' (Vivad Se Vishwas) स्कीम की आखिरी तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है. अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक टैक्स से जुड़े विवाद सुलझा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 11:01 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है. इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े विवाद सुलझाने के लिए शुरू की गई 'विवाद से विश्वास' (Vivad Se Vishwas) स्कीम की आखिरी तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है. अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक टैक्स से जुड़े विवाद सुलझा सकते हैं. इस स्कीम को लाने का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है. तमाम अदालतों में प्रत्यक्ष कर से जुड़े 9.32 लाख करोड़ रुपये के 4.83 लाख मामले लंबित हैं. इस स्कीम के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होगा. उन्‍हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी.

टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए बढ़ाई तारीख
आधिकारिक बयान के मुताबिक 'विवाद से विश्वास योजना के तहत टैक्स से जुड़े मामलों के निपटाने वाले करदाताओं को आगे और राहत देने के लिये यह कदम उठाया है. सरकार ने मंगलवार को बिना किसी अतिरिक्त राशि के भुगतान की समयसीमा 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 कर दी है. हालांकि, यह भुगतान केवल की गई घोषणा के संदर्भ में किया जा सकेगा'

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वित्त सचिव ने की वीडियो कांफ्रेंस


वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने विवाद से विश्वास योजना के तहत अब तक हुए टैक्स निपटारे को लेकर वीडियो कांफ्रन्सिंग के जरिये समीक्षा की. इस मौके पर सीबीडीटी चेयरमैन और बोर्ड के अन्य सदस्य तथा प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मौजूद थे. पांडे ने कहा कि यह योजना करदाताओं के लाभ और उनकी सुविधा के लिये है क्योंकि वे इसके जरिये तुंरत विवादों का समाधान कर सकते हैं.



इससे पहले भी बढ़ चुकी है तारीख
आपको बता दें इससे पहले भी सरकार ने मई में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भरे जाने वाले ITR की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर की थी. इसके अलावा विवाद से विश्वास योजना का लाभ भी बिना अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया था.

क्या है ये स्कीम?
इस स्कीम का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है. इस स्कीम के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होगा। उन्हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी.

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कौन उठा सकता है स्‍कीम का फायदा?
बिल के अनुसार, 31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्‍नर (अपील), इनकम टैक्‍स अपीलीय ट्रिब्‍यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्‍स के मामलों पर यह स्‍कीम लागू होगी. लंबित अपील टैक्‍स विवाद, पेनाल्‍टी या ब्‍याज से जुड़ी हो सकती है. एसेसमेंट या रीएसेसमेंट से भी इसका नाता हो सकता है.
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