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किसान आंदोलन के बीच सरकार ने दिया तोहफा, नारियल की MSP में 375 रुपये की बढ़ोतरी

किसान आंदोलन के बीच सरकार ने दिया तोहफा, नारियल की MSP में 375 रुपये की बढ़ोतरी

सरकार ने कोपरा की फसल की MSP में 52 फीसदी की बढ़ोतरी की.

सरकार ने कोपरा की फसल की MSP में 52 फीसदी की बढ़ोतरी की.

सरकार ने मिलिंग कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 375 रुपये की बढोतरी की है. जिसके बाद सरकार किसानों से 10,335 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मिलिंग कोपरा की खरीदी करेगी

    नई दिल्ली. किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने किसानों को तोहफा दिया है. मोदी कैबिनेट ने मिलिंग कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है. जिसके बाद मिलिंग नारियल के दाम 375 रुपये बढ़ा दिए गए है आपको बता दें अब सरकार किसानों से 10,335 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मिलिंग नारियल की खरीदी करेगी. हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी 18 की रिपोर्ट के अनुसार अखिल भारतीय भारित औसत लागत के मुकाबले मीलिंग नारियल के लिए 52 प्रतिशत और बाल नारियल के लिए 55 प्रतिशत का लाभ सुनिश्चित होगी.

    MSP किसे कहते है- MSP को न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है. जब सरकार किसी फसल के लिए MSP तय करती है. तो देशभर की मंडी में किसानों से उस फसल की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है. MSP तय होने के बाद किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ता.

    MSP



    मौजूदा समय में कौन सी फसल के लिए है MSP- मौजूदा समय में 23 फसलों के लिए सरकार के द्वारा MSP तय किया जाता है. सात अनाज, पांच दलहन, सात तिलहन और चार कमर्शियल फसलों के लिए MSP तय किया जाता है. धान, गेहूं, मक्का, जौ, बाजरा, चना, तुअर, मूंग, उड़द और मसूर के लिए MSP तय की जाती है. सरसों, सोयाबीन, सूरजमूखी, गन्ना, कपास और जूट के लिए भी MSP को तय किया जाता है. सरकारों ने समय के साथ MSP का दायरा बढ़ाने की कोशिश की है.

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    एमएसपी से फायदा- एमएसपी तय होने से किसानों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मान लीजिए फसल का भाव अगर नीचे आ जाता है तो भी उसे यह उम्मीद रहती है कि वह अपनी फसल को MSP पर सरकार को बेच सकते है.undefined

    Tags: Modi Govt, MSP, MSP of crops

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