एयर इंडिया को बेचने के लिए अब सरकार ने उठाया ये अगला कदम, सालों से घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनी

सरकार ने एयर इंडिया (Air India) की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां मंगवाई हैं.

सरकार ने एयर इंडिया (Air India) की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां मंगवाई हैं.

सरकार ने एयर इंडिया (Air India) की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां मंगवाई हैं. बता दें कि सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो एयर इंडिया में अपनी पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी. कंपनी पर अब तक 60,000 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज हो चुका है.

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  • Last Updated: April 13, 2021, 3:36 PM IST
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नई दिल्ली. सरकार ने एयर इंडिया (Air India) की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां मंगवाई हैं. एयर इंडिया की बिक्री के लिए वित्तीय बोलियों के प्रस्ताव का अनुरोध जारी किया गया है. CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एयर इंडिया डील के लिए शेयर खरीद समझौते (SPA) को इच्छुक संस्थाओं के साथ साझा किया जाएगा. सूत्र ने कहा है कि एयर इंडिया की बिक्री के प्रति रुचि रखने वाले बोलीदाताओं को वर्चुअल डेटा रूम का एक्सेस दिया गया है. बता दें कि सरकार पिछले कुछ सालों से घाटे में चल रही सरकारी एयरलाइन कंपनी को बंद करने की कोशिश कर रही है.

जुलाई की शुरुआत तक का समय

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए संस्थानों को वित्तीय बोलियों के लिए जून से या फिर जुलाई की शुरुआत तक का समय दिया जा सकता है. यह माना जाता है कि एक बार बोलियों को बंद कर देने के बाद AI बिक्री को बंद करने से वित्तीय बोलियों का 3-4 महीने का मूल्यांकन हो सकता है. इस प्रकार वर्तमान में सितंबर के बाद की तारीख प्रक्रिया के पूरा होने की संभावना है.

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एयर इंडिया की सब्सियडरी भी बिकेगी

हाल ही में, एयरलाइन की निदेशक (वाणिज्यिक) मीनाक्षी मल्लिक के नेतृत्व में अपने कर्मचारियों के एक संघ द्वारा एयर इंडिया पर कब्जा करने के लिए बोली लगाई गई थी. हालांकि, यह प्रयास विफल रहा. बता दें कि सरकार एयर इंडिया ही नहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में 50 प्रतिशत शेयरधारिता बेचने का भी प्रस्ताव भी रख रही है.

कंपनी पर है 60,000 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज



बता दें कि सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो एयर इंडिया में अपनी पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी. कंपनी पर अब तक 60,000 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज हो चुका है.  बता दें कि 2007 में इंडियन एयरलाइंस (Indian Airlines) के साथ विलय के बाद से ही एयर इंडिया घाटे में चल रही है.
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