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अब घर बैठे दे सकते हैं इनकम टैक्स नोटिस का जवाब, सरकार ने लॉन्च की ये सुविधा

भाषा
Updated: October 7, 2019, 9:14 PM IST
अब घर बैठे दे सकते हैं इनकम टैक्स नोटिस का जवाब, सरकार ने लॉन्च की ये सुविधा
इनकम टैक्स असेसमेंट सुविधा

इनकम टैक्स ई-असेसमेंट (Income Tax E-Assessment) से टैक्सपेयर्स को टैक्स अधिकारियों से मिलने की जरूरत नहीं होगी. वे ऑनलाइन माध्यम से इनकम टैक्स की नोटिस का जवाब दे सकते हैं.

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नई दिल्ली. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने सोमवार को बिना सीधे संपर्क वाली ई-असेसमेंट योजना (E-Assessment Scheme) की शुरुआत की. इसे टैक्स स्ट्रक्चर में सुधारों की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है. इस योजना से करदाताओं को कर अधिकारियों का आमना-सामना की जरूरत नहीं पड़ेगी. राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने राजधानी में राष्ट्रीय ई-असेसमेंट केंद्र (NEAC) का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया. शुरुआत में राष्ट्रीय ई-असेसमेंट केंद्र के तहत 58,322 आयकर मामलों का चयन किया गया है.

नहीं शामिल हो सकीं वित्त मंत्री
इस योजना की शुरुआत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को करनी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ बैठक के साथ अन्य आधिकारिक व्यस्तताओं की वजह से वह इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाईं. राजस्व सचिव ने कहा कि इस पहल से करदाता के लिए सुगमता और सुविधा बढ़ेगी. इस योजना को रिकॉर्ड समय में शुरू किया गया है.

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ई-असेसमेंट से क्या होगा फायदा
राजस्व विभाग ने कहा कि नई पहल से असेसमेंट प्रोसेस में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी. करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच आमना-सामना की जरूरत नहीं होगी. राष्ट्रीय ई-असेसमेंट केंद्र देश भर में अधिकारियों के दखल के बना ई-असेसमेंट योजना में मदद करेगा. इससे करदाताओं को लाभ होगा. राजस्व विभाग ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को अनुपालन में आसानी होगी, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, कामकाज में विशेषज्ञता आएगी, आकलन की गुणवत्ता का स्तर सुधरेगा और मामलों का निपटान तेजी से हो सकेगा.


इनकम टैक्स

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2,686 अधिकारियों को जिम्मेदारी
इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी का काम आयकर विभाग के 2,686 अधिकारियों को सौंपा गया है. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा, 'जिस किसी करदाता का मामला जांच के लिए चुना जाएगा वह अपने दस्तावेज आनलाइन जमा करा सकेगा. इसके अलावा आकलन करने वाले अधिकारी का चयन भी बिना क्रम के किया जाएगा.'

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इनकम टैक्स छूट में कोई विचार नहीं
उन्होंने कहा कि इसमें ऐसे मामलों को जांच के लिए चुना जाएगा जिनमें गंभीर खामियां मिलेंगी. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार व्यक्तिगत आयकर में छूट देने पर विचार कर रही है, राजस्व सचिव ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में यह योजना शुरू करने की घोषणा की थी. सीतारमण का कहना था कि अभी कर आकलन में करदाता और अधिकारी को आमने-सामने आने की जरूरत होती. इससे कर अधिकारियों द्वारा कुछ ‘अवांछित व्यवहार’ के मामले भी सामने आते हैं.

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First published: October 7, 2019, 8:34 PM IST
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