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जल्द ही प्राइवेट कंपनी बन जाएगी एअर इंडिया, अगले महीने हो सकता है फैसला

पीटीआई
Updated: October 20, 2019, 9:37 PM IST
जल्द ही प्राइवेट कंपनी बन जाएगी एअर इंडिया, अगले महीने हो सकता है फैसला
एअर इंडिया

केंद्र सरकार ने Air India में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बिडिंग बुलाई है. बिडिंग की ये प्रक्रिया नए ई-बिडिंग सिस्टम (E-Bidding System) के जरिए होगी. सूत्रों ने कहा कि कई कंपनियों ने एअर इंडिया को खरीदने में रुचि दिखाई है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार अगले माह देश की सरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया (Air India) की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बिडिंग (Bidding for Air India) की योजना बना रही है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पहले ही कुछ कंपनियों ने इसके लिए अपनी रुचि जाहिर कर दी है. एअर इंडिया पर करीब 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. इसके अलावा कंपनी के संचालन में भी हजारों करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है.

अगले माह तक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा कर सकती हैं कंपनियां
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने एअर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई है. इन कंपनियां ने अपना एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (Expression of Interest) जमा करने से पहले अंतिम रूप देने पर काम कर रही हैं. एअर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए ये कंपनियां इस माह के अंत में या फिर अगले माह तक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा भी कर देंगी.

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एअर इंडिया पर करीब 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है



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पिछले सप्ताह हुई रिव्यू मीटिंग
सरकारी क्षेत्र की इस विमानन कंपनी को बेचने के लिए बिडिंग प्रक्रिया नए तरीके से डेवलप किए गए ई-बिडिंग सिस्टम के जरिए होगी. पिछले सप्ताह ही एयरलाइन की बोर्ड मीटिंग से पहले सिविल एविएशन सेक्रेटरी प्रदीप सिंह खरोला ने एअर इंडिया की रिव्यू मीटिंग ली थी. बता दें कि एअर इंडिया की बोर्ड बैठक 22 अक्टूबर यानी मंगलवार को होनी है. कंपनी बोर्ड की यह बैठक वित्त वर्ष 2019 के समेकित अकाउंट स्टेटमेंट की क्लियरिंग के लिए होनी है.

इस माह की शुरुआत में भी एअर इंडिया के मैनेजमेंट ने ट्रेड यूनियन के साथ प्रस्तावित प्राइवेटाइजेशन को लेकर बैठक की थी. इसमें से अधिकतर यूनियनों ने नौकरियां खोने की डर से सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया है.

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एअर इंडिया



बॉन्ड के जरिए एअर इंडिया की बैलेंस शीट क्लियर करने की तैयारी
बता दें कि एअर इंडिया की बैलेंस शीट को क्लियर करने के मकसद से स्पेशल पर्पज व्हीकल एयर इंडिया एसेट हो​ल्डिंग लिमिटेड के माध्यम से इंश्यूएंस बॉन्ड की मदद से करीब 30,000 करोड़ रुपये रिपेमेंट करने की तैयारी चल रही है. एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड को चार सहायक कंपनियों की उन वर्किंग कैपिटल लोन की वेयरहाउसिंग के लिए सेटअप किया गया था, जिसके लिए कोई एसेट नहीं रखा गया है.

ऐसे कम किया जाएगा एअर इंडिया पर बोझ
इन सहायक कंपनियों में एअर इंडिया ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड, एअरलाइन अलाइड ​सर्विसेज लिमिटेड, एअर इंडिया इं​जीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड और होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं. इस कंपनी ने बॉन्ड इश्यू के ​​जरिए ​16 सितंबर के बाद से 21,985 करोड़ रुपये जुटाया है ताकि इसका इस्तेमाल एअर इंडिया पर कर्ज की बोझ कम करने के लिए किया जाएगा.

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First published: October 20, 2019, 3:45 PM IST
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