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बजट 2021 में वित्तीय समस्या समाधान के लिए एजेंसी बनाने का ऐलान कर सकती है सरकार

वित्तीय निवारण एजेंसी- FRA (Financial Redressal Agency)
वित्तीय निवारण एजेंसी- FRA (Financial Redressal Agency)

Budget 2021: सरकार एक वित्तीय निवारण एजेंसी- FRA (Financial Redressal Agency) की स्थापना करने का प्लान कर रही है जो विनियमित वित्तीय सेवा प्रदाताओं के खिलाफ सभी उपभोक्ता शिकायतों की जांच करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 5:30 PM IST
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नई दिल्ली: सरकार एक वित्तीय निवारण एजेंसी- FRA (Financial Redressal Agency) की स्थापना करने का प्लान कर रही है जो विनियमित वित्तीय सेवा प्रदाताओं के खिलाफ सभी उपभोक्ता शिकायतों की जांच करेगी. यह एजेंसी वित्तीय सेवा देने वाली कंपनियों के खिलाफ की जाने वाली सभी शिकायतों पर कार्रवाई करेगी.

सरकारी अधिकारी ने कहा, "आम लोगों की वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए एक सिंगल विंडो सॉल्यूशन की जरूरत है और इसके लिए एक सेंट्रलाइज एजेंसी बनाने की जरूरत है." भारत सरकार वास्तव में आम लोगों की वित्तीय परेशानी को सुलझाने के लिए एक केंद्रीकृत एजेंसी बनाना चाहती है जहां लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें.

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क्यों किया जा रहा एजेंसी बनाने का प्लान
भारत की मौजूदा उपभोक्ता निवारण प्रणाली, क्षेत्रीय विनियामकों जैसे बैंकों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और बीमा संबंधी शिकायतों के लिए बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) है इसी तरह वित्तीय निपटान के लिए वित्तीय निवारण एजेंसी (Financial Redressal Agency) बनाने का प्लान किया जा रहा है.

ऐसी एजेंसी को और सशक्त बनाने के लिए सभी के विचार लिए जाएंगे. इसके साथ ही सभी हितधारकों का ध्यान रखते हुए ही इस एजेंसी की नींव रखी जाएगी.

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2015 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया था ऐलान
आपको बता दें साल 2015 में, भारत के दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में एक सेक्टर-न्यूट्रल फाइनेंशियल रिड्रेसल एजेंसी- FRA की स्थापना के लिए एक कार्यबल की घोषणा की थी, जो सभी वित्तीय सेवा प्रदाताओं के खिलाफ शिकायतों का समाधान करेगा.
टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उपभोक्ता शिकायतों के निवारण मंचों को हमेशा शिकायतों की सभी श्रेणियों को संभालने के लिए पर्याप्त रूप से सशक्त नहीं किया गया है. यह ध्यान दिया गया कि कुछ मामलों में, विनियमित एफएसपी भी नियामक के निवारण कार्यों के दायरे में नहीं आते हैं.
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