यूनाइटेड इंडिया या ओरिएंटल इंश्योरेंस के प्राइवेटाइजेशन पर विचार कर सकती है सरकार: रिपोर्ट

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी

सरकार चालू तिमाही के दौरान सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में 3,000 करोड़ रुपये डाल सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2021, 8:08 PM IST
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नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की ओरिएंटल इंश्योरेंस (Oriental Insurance) या यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (United India Insurance Co) के निजीकरण पर सरकार विचार कर सकती है क्योंकि कैपिटल इन्फ्यूजन (Capital Infusions) के बाद उनके वित्तीय स्थिति (Financial Health) में सुधार हुआ है. मामले से जुड़े लोगों ने इसकी जानकारी दी है.

उनके वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए सरकार चालू तिमाही के दौरान 3,000 करोड़ रुपये डाल सकती है. सूत्रों ने कहा कि ओरिएंटल इंश्योरेंस और चेन्नई स्थित यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस दोनों अपने बेहतर वित्तीय स्थिति के कारण निजी क्षेत्र की दिलचस्पी पाने में सक्षम हो सकती हैं.

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सूत्रों ने बताया कि निजीकरण के लिए एक उपयुक्त कंपनी चुनने की प्रक्रिया अभी शुरू हुई है और इसे तय करने में कुछ समय लगेगा. उन्होंने कहा कि लिस्टेड न्यू इंडिया एश्योरेंस को चुने जाने की संभावना को भी खारिज नहीं करते हैं. न्यू इंडिया एश्योरेंस में सरकारी की हिस्सेदारी 85.44 फीसदी है.
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योजना के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत नीति आयोग निजीकरण के लिए सरकार को सिफारिश करेगी  और वित्त मंत्रालय का डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (Department of Investment and Public Asset Management) प्रस्ताव पर फैसला लेगा.

गौरतलब है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया बजट में दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण का ऐलान किया था.



जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को 12,450 करोड़ देने की हुई थी घोषणा

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट और सीसीईए (CCEA) की बैठक में देश की तीन बड़ी सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में पूंजी डालने का फैसला लिया गया था. कैबिनेट ने  ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 12,450 करोड़ रुपये डालने की मंजूरी दी थी.
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