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मोदी सरकार का ये फैसला पाकिस्तान समेत इन देशों पर पड़ सकता है भारी, जानें पूरा मामला

भाषा
Updated: November 10, 2019, 5:40 PM IST
मोदी सरकार का ये फैसला पाकिस्तान समेत इन देशों पर पड़ सकता है भारी, जानें पूरा मामला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) पारदर्शी कांच की चद्दरों (Glassware) के आयात पर मौजूदा डंपिंग रोधी शुल्क को जारी रख सकता है. इसके लिए डीजीटीआर ने सरकार से सिफारिश की है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) की तरफ से लिया गया एक फैसला पाकिस्तान (Pakistan) समेत सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए भारी पड़ सकता है. दरअसल, केंद्र सरकार पारदर्शी कांच की चद्दरों के आयात पर मौजूदा डंपिंग रोधी शुल्क (Anit Dumping Duty) को जारी रख सकती है. वाणिज्य मंत्रालय ने इस शुल्क को जारी रखने की सिफारिश की है.

DGTR ने की सिफारिश
ऐसे कांच की चद्दरों का इस्तेमाल खिड़की, दरवाजों और वाहनों आदि में होता है. मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने इस बारे में अपनी जांच पूरी करने के बाद इस शुल्क को जारी रखने की सिफारिश की है.

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दिसंबर में समाप्त हो रही डंपिंग रोधी शुल्क
DGTR ने कहा है कि यदि डंपिंग रोधी शुल्क को हटाया जाता है तो इसकी डंपिंग से घरेलू उद्योग को नुकसान की पूरी आशंका है. इसी के मद्देनजर डीजीटीआर ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से पारदर्शी कांच की चद्दरों के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क को जारी रखने की सिफारिश की है. पारदर्शी कांच की चद्दरों पर मौजूदा डंपिंग रोधी शुल्क दिसंबर में समाप्त हो रहा है.
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इन घरेलू कंपनियों को होगा फायदा
घरेलू कंपनियों सैंट गोबेन इंडिया, सीसेकैम फ्लैट ग्लास इंडिया लि. और गोल्ड प्लस ग्लास इंडस्ट्री लि. ने मार्च, 2019 में घरेलू उद्योगों की ओर इस शुल्क को जारी रखने के लिए आवेदन किया था. डीजीटीआर ने 25.59 से 165 डॉलर प्रति टन के डंपिंग रोधी शुल्क का सुझाव दिया है.

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First published: November 10, 2019, 4:26 PM IST
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