दवा सस्ती करने के लिए सरकार उठा सकती है ये कदम, जानिए क्या है प्लान

दवा सस्ती करने के लिए सरकार उठा सकती है ये कदम, जानिए क्या है प्लान
दवाएं सस्ती करने के लिए बड़ा कदम उठा सकती है सरकार

कारोना वायरस (Corona Virus) के खतरों के बीच देश में कई जरूरी दवाओं की कीमतों में भारी इजाफा हो चुका है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार कुछ कदम उठा सकती है, जिससे की इन दवाओं की कीमतें सस्ती हो जाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2020, 6:13 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Corona Virus) के बीच भारत में कई प्रमुख दवाओं की कीमतों में भारी इजाफा होने लगा है. इसी को देखते हुए केंद्र सरकार API (Active Pharamsuticals Ingredient) इंडस्ट्री को राहत दे सकती है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, देश की फार्मा इंडस्ट्री (Pharma Industry) ने लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी पर काम शुरू करने की मांग की है ताकि चीन पर उसकी निर्भरता कम हो जाए. कोरोना वायरस के खतरे के बीच फार्मास्यूटिकल विभाग ने इंडस्ट्री के साथ बैठक की है. API का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार से मांग की गई है कि इसके लिए लांग टर्म रणनीति पर तुरंत काम शुरू किया जाए. बता दें कि दवाएं बनाने के ​लिए कच्चे माल के तौर पर एपीआई का इस्तेमाल किया जाता है.

जरूरत का 80 फीसदी API चीन से आयात होता है
इंडस्ट्री ने चीन पर से निर्भरता कम करने के लिए रियायत की मांग की है. देश में चीन से जरूरत का करीब 80 फीसदी API का आयात होता है. इंडस्ट्री ने API प्राइस कंट्रोल में ढील की मांग की है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्री का कहना है कि शुरुआती 3-5 साल के लिए टैक्स हॉलिडे मिलना चाहिए.





 



यह भी पढ़ें: मोदी सरकार के लिए खुशखबरी! दुनिया की 5वीं बड़ी इकोनॉमी बना भारत

इन बातों की राहत दे सरकार
इसके साथ ही इंडस्ट्री की मांग है कि पर्यावरण मंजूरी 6 महीने के अंदर मिलनी चाहिए. एक ही लाइसेंस पर अलग प्रोडक्ट मिक्स बनाने की भी इज़ाज़त मिले. चीन में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट 20-30 फीसदी सस्ता है जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार को देश में घरेलू API इंडस्ट्री को राहत देनी चाहिए.

70 फीसदी तक महंगी हुई जरूरी दवाइयां
बता दें कि कारोना वायरस की वजह से सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है. देश में पैरासिटामोल (Paracetamol ) की कीमतों में 40 फीसदी से अधिक का इजाफा हो चुका है. वहीं, बैक्टिरियल इन्फेक्शन (Bacterial Infection) से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) भी 70 फीसदी तक महंगा हो चुका है. फार्मा कंपनी Zydus Cadila के चेयरमैन पंकज पटेल ने यह जानकारी दी है. पटेल ने कहा ​कि अगर अगले महीने की पहले सप्ताह तक दवाओं की सप्लाई दुरुस्त नहीं की गई तो इससे अप्रैल महीने में फार्मा इंडस्ट्री (Pharma Industry) दवाओं की भारी कमी से जूझ सकता है.



 

यह भी पढ़ें: नौकरी करने वालों के लिए अब जरूरी हैं ये काम, वरना नहीं निकाल पाएंगे PF के पैसे

दुनियाभर में सबसे अधिक जेनेरिक दवांए निर्यात करता है भारत
चीन कारोनो वायरस को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध के बाद दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले एपीआई की कीमतें बढ़ गईं है. संभावना है कि एपीआई की मांग छोटी और मध्यम अवधि में बढ़ सकती है. दुनियाभर में सबसे अधिक जेनेरिक दवाएं भारत से ही निर्यात की जाती हैं. अमेरिकी बाजार तक में इस्तेमाल होने वाली कुल दवाओं का 12 फीसदी उत्पादन भारत में ही किया जाता है. इन दवाओं को बनाने के लिए API की जरुरतों को पूरा करने के लिए चीन पर निर्भर रहता है.

यह भी पढ़ें:  दुनिया के इस बड़े बैंक का ऐलान- इस वजह से 3 साल में करेगा 35000 की छंटनी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading