लाइव टीवी

GST रेट और टैक्स स्लैब में हो सकता है बड़ा बदलाव, आपके बजट पर भी पड़ेगा असर

News18Hindi
Updated: October 11, 2019, 8:51 PM IST
GST रेट और टैक्स स्लैब में हो सकता है बड़ा बदलाव, आपके बजट पर भी पड़ेगा असर
वस्तु एवं सेवा कर

लगातार दो माह तक जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) कम होने के बाद राज्य व केंद्र स्तर पर 12 सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है. साथ ही PMO भी सभी राज्यों के प्रमुख सचिव के साथ बैठक कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2019, 8:51 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. करीब दो साल पहले ही सरकार ने 1 जुलाई 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) लागू किया था. अब ऐसी खबर आ रही है कि केंद्र सरकार GST में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव कर सकती है. संभव है कि सरकार जीएसटी दरों (GST Rates) को नए तरीके से सेट करने के साथ ही स्लैब्स (GST Slabs) की स्क्रुटनी भी करे ताकि जीएसटी लीकेज को नियंत्रित किया जा सके.

जीएसटी दरों को रिव्यू करने के लिए राज्य व केंद्र स्तर पर 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. आज यानी शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister's Office) ने सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों के साथ बैठक की. इस बैठक से ठीक एक दिन पहले 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. PMO के साथ राज्यों के सचिवों के साथ बैठक में जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने को लेकर चर्चा चल रही है.

पिछले दो माह में जीएसटी कलेक्शन लक्ष्य से नीचे
इस बैठक में जीएसटी का गलत तरीके से फायदा उठाने से बचने के लिए ​कोई सिस्टेमैटिक बदलाव, अनुपालन और ओवरऑल अनुपालन को मॉनिटर करने को लेकर भी चर्चा होनी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कई सेक्टर्स में टैक्स लीकेज से निपटने के अलावा इस बैठक में जीएसटी रेट्स को भी रिव्यू किया जाएगा. बीते दो माह से जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से कम रहा है. ​फाइनेंस कमीशन ने भी जीएसटी स्लैब्स के रिव्यू करने की मांग की है.

ये भी पढ़ें: अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका: IIP ग्रोथ 6 साल में सबसे कम, क्या होगा असर!
 कई सेक्टर्स में जीएसटी अनुपालन को लेकर खामियां
यह जीएसटी रिव्यू कमेटी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को कुछ वस्तुओं का स्लैब बदलने के लिए राजी कर सकती है. ऐसे कई सेक्टर्स हैं, जिनमें खामियों की वजह से जीएसटी कलेक्शन में कमी हुई है. रेस्टोरेंट सेक्टर भी इन्हीं में से एक है. इस सेक्टर में रेंट जमा करने पर टैक्स क्रेडिट विड्रॉ करने की वजह में गड़बड़ियां की जा रही हैं. इस सेक्टर में कइयों ने अपने लीज अग्रीमेंट में कुछ ऐसा बदलाव किया है कि उनका रेंट कम हो जाए और वो टैक्स पेमेंट से बच सकें.

Loading...


कुछ राज्यों ने सरकार पर साधा निशाना
हाल के महीनों में जीएसटी कलेक्शन कम होने के बाद कलेक्शन में केवल 5 फीसदी की ही ग्रोथ देखने को मिल रही है. सरकार ने इसे 13 फीसदी तक रखने को लक्ष्य निर्धारित किया है. हालांकि, जीएसटी कलेक्शन में इस कमी का एक कारण अ​र्थव्यवस्था में सुस्ती को भी बताया जा रहा है.

खासतौर से बाढ़ और ऑटो सेल्स में कमी की वजह से इसमें गिरावट आई है. अधिकारियों ने राज्यों में जीएसटी एनफोर्समेंट को लेकर भी चिंता जाहिर की है. कुछ सप्ताह पहले ही विपक्षी पार्टियों की सत्ता वाले राज्यों ने केंद्र सरकार पर जीएसटी कलेक्शन को लेकर निशाना साधा है. इन राज्यों का कहना है जीएसटी व्यवस्था को गलत तरीके से लागू करने की वजह से ही जीएसटी कलेक्शन में कमी आई है.

ये भी पढ़ें: SBI ग्राहकों को दोहरा झटका, अब लोन लेने पर देनी होगी इतने फीसदी प्रोसेसिंग फीस
 जीएसटी स्लैब में क्या हो सकता है बदलाव
पिछले माह ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन एन के सिंह ने कहा था कि जीएसटी स्लैब में बदलाव करने की जरूरत है. मौजूदा समय में 5, 12, 18 और 28 फीसदी के चार जीएसटी स्लैब है. जीएसटी लागू करने के दौरान भी इस बात की चर्चा हुई थी कि 12 फीसदी और 18 फीसदी के स्लैब को मिलाकर एक नया स्लैब बनाया जाए और सबसे अधिक टैक्स वाले स्लैब में कम से कम वस्तुओं को रखा जाए.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 11, 2019, 7:38 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...