Good News: सरकार का मेगा प्लान, अब खाने का तेल होगा सस्ता! सरसों तेल समेत अन्य खाद्य तेल के दाम घटे

mustard oil price

Edible oil latest Price: खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि घरेलू खाद्य तेल की कीमतों में अंतर्राष्ट्रीय दरों में उतनी वृद्धि नहीं हुई है, जैसा कि हर साल होता है. पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि खाद्य तेलों के अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की तुलना में घरेलू बाजार में थोक व खुदरा कीमतों में कोई आनुपातिक वृद्धि नहीं हुई है.

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    नई दिल्ली. खाद्य मंत्री पीयूष गोयल (Food Minister Piyush Goyal ) ने कहा कि घरेलू खाद्य तेल (Edible oil Price) की कीमतों में अंतर्राष्ट्रीय दरों में उतनी वृद्धि नहीं हुई है, जैसा कि हर साल होता है. पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि खाद्य तेलों के अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों की तुलना में घरेलू बाजार (Domestic Markets) में थोक व खुदरा कीमतों में कोई आनुपातिक वृद्धि नहीं हुई है. लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय खाद्य मंत्री ने कहा कि खाद्य तेल के दाम में वैश्विक स्तर पर वृद्धि हो रही है और घरेलू उत्पादन अपर्याप्त है जिसके चलते खाद्य तेल के घरेलू दाम में वृद्धि हुई है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में खाद्य तेलों की घरेलू थोक और खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है.उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन देश में मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है और खाद्य तेलों की मांग और उत्पादन के बीच का अंतर आयात के जरिए पूरा होता है.

    जानें क्या है सरकार का प्लान?
    वहीं, कीमतों को काबू करने की दिशा में सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रयास को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसान, उद्योग और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य तेल व अन्य वस्तुओं के मूल्य, उपलब्धता व उनकी शुल्क संरचना की कड़ी निगरानी के लिए खाद्य सचिव की अध्यक्षता में कृषि उत्पादों पर एक अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की गई है. उन्होंने बताया कि देश में तिलहनों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करके खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

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    जानें, क्या है सरसो तेल (Mustard Oil) का भाव?
    बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि आयात होने वाले सोयाबीन रिफाइंड का भाव आज के आयात शुल्क मूल्य और जीएसटी भुगतान सहित के हिसाब से 145 रुपये किलो बैठता है, जबकि सरसों 125 रुपये किलो बैठता है. पामोलीन का भाव भी सरसों से अधिक है. दूसरी ओर देश में सरसों की त्योहारी मांग भी है लेकिन मंडियों में नये फसल की आवक बढ़ने से इसके भाव में नरमी रही. सरसों की कम कीमत के कारण बाकी तेलों के भाव भी दबाव में आ गए, जिससे उनमें गिरावट आई. सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की घरेलू के साथ साथ भारी निर्यात मांग होने की वजह से सायोबीन दाना के भाव में सुधार दिखा.

    बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे-
    बुधवार को सरसों तिलहन - 5,850 - 5,900 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये में बिका. वहीं,  मूंगफली दाना - 6,255 - 6,320 रुपये में, मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,320 रुपये के भाव से बिका. मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,470- 2,530 रुपये प्रति टिन, सरसों तेल दादरी- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल,सरसों पक्की घानी- 2,025 -2,115 रुपये प्रति टिन, सरसों कच्ची घानी- 2,155 - 2,270 रुपये प्रति टिन,सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,800 रुपये में बिका. तो पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,250 रुपये और पामोलिन कांडला 12,250 (बिना जीएसटी के) भाव रहा. सोयाबीन दाना 5,875 - 5,925 रुपये के रेट पर मिले.

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    जानें, मंगलवार का भाव?
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मूंगफली तेल का औसत खुदरा मूल्य मंगलवार को 180 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो एक साल पहले 120 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक था. इसी तरह, खुदरा मेंसरसों तेल की कीमतें 147 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 110 रुपये प्रति किलोग्राम, सोया तेल की कीमत 90 रुपये प्रति किलो से 130 रुपये, जबकि सूरजमुखी तेल की कीमत 140 रुपये प्रति किलो पर रहा.

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