आपको नहीं देना होगा आधार नंबर! वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने उठाया नया कदम

आपको नहीं देना होगा आधार नंबर! वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने उठाया नया कदम
सांकेतिक तस्वीर

सरकार आधार वैरिफिकेशन के लिए ऑफलाइन प्रोसेस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जा रही है. आपको अब वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड देना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2018, 12:50 PM IST
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सरकार आधार वेरिफिकेशन के लिए ऑफलाइन प्रोसेस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जा रही है. आपको अब वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड देना होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें बायोमैट्रिक और आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई के सर्वर की जरूरत नहीं होगी. इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन भी नहीं होगा.

आपको बता दें कि हाल में आधार कार्ड पर सरकार को बड़ी जीत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में आधार को संवैधानिक तौर पर वैध बताया. यही नहीं कोर्ट ने सब्सिडी लेने के लिए आईटी रिटर्न भरने के लिए और पैन कार्ड के लिए आधार देना जरूरी किया है. हालांकि, बैंक अकाउंट और टेलीफोन कनेक्शन के लिए आधार जरुरी नहीं होगा. (ये भी पढ़ें-VIDEO: UIDAI के CEO ने बताया अब कहां AADHAR CARD जरूरी और कहां नहीं)

नई प्रक्रिया में डेटा चोरी की आशंका नहीं- बिजनेस के अंग्रेजी न्यूज पेपर इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, ऑफलाइन केवाईसी प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को आधार नंबर देने की जरूरत नहीं होगी. यूजर चाहें तो सिर्फ नाम और पते से भी काम चल जाएगा. इससे उनकी प्राइवेसी बनी रहेगी और डेटा चोरी की आशंका नहीं रहेगी. (ये भी पढ़ें-Aadhaar के स्मार्ट कार्ड नहीं है वैलिड, UIDAI ने दी बड़े नुकसान की चेतावनी)



सर्विस प्रोवाइडर फर्म यूआईडीएआई की वेबसाइट से क्यूआर कोड रीडर डाउनलोड कर सकती हैं. स्कैनर की मदद से भी आधार नंबर रीड किया जा सकता है. क्यूआर कोड वेरिफिकेशन में धोखाधड़ी का खतरा नहीं रहेगा. (ये भी पढ़ें-Aadhaar नंबर पता लगने पर क्या बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं? UIDAI ने दिया जवाब)
आधार नंबर के जरिए वेरिफिकेशन को लेकर लंबे समय से प्राइवेसी के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं.सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को आदेश दिया कि वेरिफिकेशन के लिए निजी कंपनियां बायोमैट्रिक प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं
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