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भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई, इनकम टैक्स विभाग के 21 अफसरों को जबरन रिटायर किया

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Updated: November 26, 2019, 5:55 PM IST
भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई, इनकम टैक्स विभाग के 21 अफसरों को जबरन रिटायर किया
मंगलवार को इनकम टैक्क डिपार्टमेंट के 21 अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया है.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने भ्रष्टाचार के आरोपित टैक्स अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए 21 अधिकारियों को जबरन रिटायर (Compulsory Retirement) करने का फैसला लिया है. इस साल जून से अब तक 85 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा चुका है.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 5:55 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने भ्रष्टाचार के आरोपित  टैक्स अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए 21 को जबरन रिटायर (Compulsory Retirement) करने का फैसला लिया है. ये सभी अफसर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के हैं. इस साल जून के बाद यह पांचवां मौका है जब सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों (Corrupt Government Officers) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी (Compulsory Retirement) से निकाला है. इस साल अब तक 85 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा चुका है. इससे सरकार ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और अक्षमता के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी.

करप्शन के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई- जबरन रिटायर किए गए सभी अधिकारी ग्रुप बी ग्रेड के हैं. इसी के साथ इस साल अब तक 85 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है. इसमें से 64 टैक्स अधिकारी हैं.

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इस नियम के तहत हुई कार्रवाई- सेंट्रल सिविल सर्विसेज 1972 के नियम 56 (J) के हिसाब से 30 साल तक सेवा पूरी कर चुके या 50 साल की उम्र पर पहुंच चुके अधिकारियों की सेवा सरकार समाप्त कर सकती है.

(I) उन्हें नोटिस और तीन महीने के वेतन-भत्ते देकर घर भेजा जा सकता है. ऐसे अधिकारियों के काम की हर तीसरे महीने समीक्षा की जाती है और अगर उन पर भ्रष्टाचार या अक्षमता/अनियमितता के आरोप पाए जाते हैं तो जबरन रिटायरमेंट दिया जा सकता है.

(II) सरकार के पास यह विकल्प दशकों से मौजूद है, लेकिन अब तक गंभीरता से इस पर कारवाई नहीं की जाती थी. मोदी सरकार में भी साल 2014, 2015 और 2017 में इस नियम पर गंभीरता से अमल करने के आदेश दिए गए, इस टर्म में सरकार अब कमर कसकर इसे लागू कराने के प्रयास में जुटी है.

(III) इस नियम में अब तक ग्रुप ए और बी के अधिकारी ही शामिल थे, अब ग्रुप सी के अधिकारी भी इसमें आ गए हैं. केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय संस्थानों से इस बारे में मासिक रिपोर्ट मंगाना शुरू कर दिया है. सरकार के जरिए ऐसे अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जा सकता है. ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-परफार्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है.
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First published: November 26, 2019, 4:12 PM IST
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