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होटल अशोक और सम्राट समेत इन कंपनियों में हिस्सा बेचने पर इस हफ्ते हो सकता है फैसला

इसी हफ्ते इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG-Inter Ministerial Group) की बैठक होगी

इसी हफ्ते इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG-Inter Ministerial Group) की बैठक होगी

CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ITDC के होटल की संपत्ति बेचने पर बैठक होने वाली है. सूत्रों के मुताबि ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली.पिछले करीब 3 महीने से सुस्त पड़ी विनिवेश (Indian Government Disinvestment Programme) की रफ्तार फिर तेज पकड़ने लगी है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ITDC के होटल की संपत्ति बेचने पर बैठक होने वाली है. सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर इसी हफ्ते इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप की बैठक होगी. होटल अशोक और होटल सम्राट कॉम्पलेक्स की बिक्री पर जल्द फैसला आ सकता है. इन संपत्तियों को बेचने से संबंधित रिपोर्ट को जल्द मंजूरी मिल सकती है.

    इस हफ्ते हो सकता है फैसला

    सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 3 सरकारी कंपनियों में विनिवेश की तरफ सरकार जल्द कदम बढ़ाने की तैयारी में है जिसमें CONCOR, ITDC और Ferro Scrap Nigam ltd के शामिल है.

    CONCOR यानी कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के लिए बोली अगले 3 से 4 हफ्ते में संभव है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बिक्री से संबंधित EoI की शर्तों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

    EoI की शर्तों को IMG से जल्द मंजूरी मिलेगी. सरकार 54.80 फीसदी में से 30.80 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है.

    FSNL यानी Ferro Scrap Nigam ltd को भी बेचने की प्रक्रिया तेज हुई है. बता दें कि FSNL, MSTC की सब्सिडियरी है. सूत्रों के मुताबिक स्टील मंत्रालय ने FSNL में पूरी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

    सरकार ऐतिहासिक अशोक होटल को बेचने की तैयारी में है. होटल मौजूदा वक्त में सरकार भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) के अंतर्गत आता है. यही होटल को लीज पर देने का काम करती है. नीति आयोग ने हाल ही में एक प्रस्ताव पेश करके होटल को 60 साल के लिए किसी प्राइवेट कंपनी को देने की सलाह दी थी, जो इस होटल को दोबारा से डिजाइन करे और उसका प्रबंधन देखे.

    होटल का निर्माण देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने साल 1956 में कराया था. यह होटल संसद और राष्ट्रपति भवन के नजदीक है.

    इसमें 550 कमरे और 161 शूइट्स हैं. होटल में करीब 1000 कर्मचारी काम करते हैं, जिसके रोजाना के संचालन में करीब 35 लाख रुपए का खर्च आता है.

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    होटल के बनने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है. दरअसल भारत नया-नया आजाद हुआ था और यूनेस्को (UNESCO) समिट को भारत में कराने को लेकर उत्सुक था.

    नेहरू ने 1955 में पेरिस में हुई यूनेस्को फोरम की बैठक में सुझाव दिया था कि भारत अगले साल समिट कराने के लिए तैयार है.

    हालांकि उस वक्त तक भारत में एक भी 5 स्टार होटल नहीं था, जहां विश्वभर से आने वाले गेस्ट को ठहराया जा सके. ऐसे में नेहरू ने 5 स्टार होटल अशोका को बनवाया.

    (लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर, CNBC आवाज़)

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