सरकार का सबसे बड़ा फैसला-अबू धाबी की सॉवरेन वेल्थ फंड को मिलेगी 100% टैक्स छूट, भारत को होंगे ये फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi)

भारत में निवेश करने के लिए केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स (income tax) में 100 फीसदी छूट दी है. इसी के साथ MIC Redwood भारत में 100% इनकम टैक्स छूट पाने वाली पहली कंपनी बन गई है.

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  • Last Updated: November 3, 2020, 4:04 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) ने बड़ा फैसला लेते हुए अबू धाबी (Abu Dhabi) के सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Fund- SWF) मिक रेडवुड 1 आरएससी लिमिटेड (MIC Redwood 1 RSC Limited) को 100 फीसदी टैक्स छूट देने का ऐलान किया है. वेल्थ फंड को  निवेश करने के लिए इनकम टैक्स (income tax) में 100 फीसदी छूट दी है. सरकार का कहना है कि MIC Redwood को टैक्स में यह छूट देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर सहित भारत के टॉप प्रायोरिटी सेक्टर में लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट को बढ़ाने के लिए दी है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि इस कंपनी को इनकम टैक्स के section 10(23FE) के तहत छूट दी गई है. आपको बता दें कि MIC Redwood भारत में 100% इनकम टैक्स छूट पाने वाली पहली कंपनी बन गई है.

MIC Redwood को इनकम टैक्स में 100% छूट देने के लिए CBDT ने रिकॉर्ड समय में नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की है. कंपनी ने 18 सितंबर, 2020 को टैक्स छूट के लिए आवेदन किया था. टैक्स छूट देने के लिए सभी मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली हुई.

इसके बाद MIC Redwood ने अपना फाइनल रिप्लाई 20 अक्टूबर को भेजा. इसके बाद CBDT ने कानून मंत्रालय से सलाह-मशविरा करके कंपनी को 100% टैक्स छूट देने की घोषणा 2 नवंबर को कर दी. केंद्र सरकार ने Finance Act, 2020 के तहत कंपनी को टैक्स में छूट दी है.



सबसे पहले जानते हैं सॉवरेन वेल्थ फंड होता क्या है? सऊदी अरब जैसे देशों की सरकार कच्चे तेल के जरिए काफी पैसा कमाते हैं और उनके देश में खर्च कम होता है. ऐसे में उनका बजट हमेशा सरप्लस होता है. इसका मतलब यह है कि किसी वित्त वर्ष में सरकार जितनी रकम खर्च करेगी, टैक्स एवं अन्य स्रोत से उसकी कमाई अधिक रहती है. इसका मतलब यह भी है कि सरकार जनकल्याण के काम पर जितनी रकम खर्च करेगी, उससे अधिक रकम टैक्स से जुटा लेगी. इस तरह का बजट महंगाई नियंत्रित करने के लिए बनाया जाता है और इससे मांग घटाने में मदद मिलती है.
ऐसे में कई छोटे देश जैसे सऊदी अरब, नॉर्वे अपनी रकम को एक कंपनी बनाकर उसके पास ट्रांसफर कर देते हैं. वो कंपनी, दुनियाभर में निवेश करती है और उसके जरिए मोटी कमाई करती है. इसी को ही सॉवरेन वेल्थ फंड कहते हैं.

अब सवाल उठता हैं कि इससे भारत को क्या फायदा होगा? एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज 18 हिंदी को बताया कि इससे भारत को बड़ा फायदा होगा. क्योंकि इन्वेस्टमेंट में तेजी आएगी. लिहाजा ज्यादा तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा. ऐसे में ज्यादा नौकरियों के मौके भी बनेंगे.

सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में फॉरेन फंडिंग और FDI बढ़ेगी जिससे देश की अर्थव्यवस्था को और तेजी मिलेगी. MIC Redwood को टैक्स में छूट 2 नंबबर, 2020 से लेकर 31 मार्च, 2024 तक के लिए मिलेगी. आपको बता दें कि टैक्स छूट पाने से संबंधित गाइडलाइंस CBDT ने 22 जुलाई, 2020 को जारी की थी.

अर्थव्यवस्था पर असर-  भारतीय अर्थव्यवस्था को फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) के लिए खोल दिया गया है और देश में लंबी अवधि के निवेश के लिए कंपनियों को कई तरह की छूट दी गई है. सरकार के इस फैसले से अब MIC Redwood को इंटररेस्ट, डिविडेंड और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स से होने वाली इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. ऐसे में कंपनियां तेजी से भारत में पैसा लगाएंगी. देश का विदेशी पूंजी भंडार तेजी से बढ़ेगा.

आसिफ बताते हैं कि केंद्र सरकार ने पी-नोट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसे में सॉवरेन वेल्थ फंड के इन्वेस्टमेंट से शेयर बाजार और म्युचूअल फंड्स में भी निवेश बढ़ेगा. लिहाजा शेयर बाजार में भी तेजी की उम्मीदी है.

उन्होंने बताया कि ये लॉन्ग टर्म के लिए निवेश होगा. ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ेगी. लिहाजा इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई सेक्टर्स में अच्छी ग्रोथ लौटती हुई दिखाई देगी.
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