आम आदमी के लिए बड़ी खबर-GST के दायरे में आ सकती है नेचुरल गैस, होंगे ये फायदे

आम आदमी के लिए बड़ी खबर-GST के दायरे में आ सकती है नेचुरल गैस, होंगे ये फायदे
-GST के दायरे में आ सकती है नेचुरल गैस, होंगे ये फायदें

नेचुरल गैस (Natural Gas) को जल्द जीएसटी (GST-Goods and Service Tax) दायरे में लाने की तैयारियां तेज हो गई है. सूत्रों की मानें तो जीएसटी काउंसिल की 26 अगस्त को होने वाली 41वीं बैठक में इस पर विचार किया जा सकता है. ऐसा होने पर आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 2:16 PM IST
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नई दिल्ली. नेचुरल गैस (Natural Gas) को जीएसटी (GST-Goods and Service Tax) के दायरे में लाने की कवायद लंबे समय से चल रही है. लेकिन इस पर अब जल्द फैसला हो सकता है. सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गैस ट्रेडिंग रेग्युलेशन (Gas Trading Regulations) से पहले इस पर फैसला हो सकता है. क्योंकि कंपनियों का कहना है कि, हर राज्य में अलग-अलग टैक्स लगते है. ऐसे में ट्रेडिंग करना पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. इसीलिए उन्होंने इसे जीएसटी के दायरे में लाने का सुझाव दिया है.

क्या होगा ग्राहकों पर असर-ऐसी उम्मीद की जा रही है कि नेचुरल गैस को जीएसटी के दायरे में लाने पर पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) कुछ सस्ती हो सकती है. यहां आपको यह भी बता दें फिलहाल पांच पेट्रोलियम उत्पाद कच्चा तेल, डीजल, पेट्रोल, एटीएफ और नेचुरल गैस जीएसटी से बाहर हैं. अब यह जीएसटी काउंसिल को तय करना है कि इन पांचों उत्पादों पर कब से जीएसटी लगाया जाए. क्योंकि इन पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की डिमांड काफी समय से उठ रही है.

VIDEO- जीएसटी के दायरे में जल्द आ सकती है नेचुरल गैस




जीएसटी दायरे में आने पर क्या होगा- इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय भी नेचुरल गैस को जीएसटी दायरे में लाने के लिए कह चुका है. अगर अब प्राकृतिक गैस को जीएसटी के तहत लाया जाता है तो इसके बाद इस पर देश में किसी भी स्थान पर समान दर से टैक्स लगेगा. जीएसटी के तहत आने के बाद इस पर अलग-अलग लगने वाला उत्पाद शुल्क और वैट समाप्त हो जाएगा. पुस्तिका में कहा गया है कि इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी जिससे राज्य घरेलू उत्पाद बढ़ेगा और सामाजिक आर्थिक विकास को गति मिलेगी. अंतत: इससे रोजगार के अवसरों का सृजन होगा. (प्रकाश प्रियदर्शी, CNBC आवाज़)
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