क्या है इनकम टैक्स की फेसलेस ई-असेसमेंट सर्विस, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

Faceless e-Assessment- फेसलेस असेसमेंट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक मोड होता है, जो एक सॉफ्टवेयर के जरिये प्रयोग किया जाता है. इसके तहत आपको किसी भी इनकम टैक्स अधिकारी के सामने या उसके दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

Faceless e-Assessment- फेसलेस असेसमेंट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक मोड होता है, जो एक सॉफ्टवेयर के जरिये प्रयोग किया जाता है. इसके तहत आपको किसी भी इनकम टैक्स अधिकारी के सामने या उसके दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

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नई दिल्ली. देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्‍टाचारियों पर लगाम लगाने लगाने के लिए इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने फेसलेस ई-असेसमेंट' (faceless e-assessment) सर्विस को शुरू कर दिया है. आसान शब्दों में समझें तो पहले अक्सर आरोप लगते थे कि आरोपी को इनकम टैक्स दफ्तर से किसी भी तरह का नोटिस आने के बाद उसके संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के पास आते ही मामले की डील कर ली जाती है. अब ऐसा नहीं होगा. क्योंकि ये सिस्टम पूरी तरह से बदल जाएगा. इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत पिछले कुछ महीनों से दिल्ली, मुंबई समेत कुछ शहरों में प्रयोग किया जा रहा है. अब तक के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं.

आइए जानें इसके बारे में सब कुछ...

फेसलेस ई-असेसमेंट' (faceless e-assessment) सुविधा- पीएम मोदी इनकम टैक्स विभाग में 'फेसलेस ई-असेसमेंट' (faceless e-assessment) की सुविधा शुरू करने का ऐलान कर दिया है. ये देश में बहुत बड़ी सुविधा है. फेसलेस असेसमेंट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक मोड होता है, जो एक सॉफ्टवेयर के जरिये प्रयोग किया जाता है.

इसके तहत आपको किसी भी इनकम टैक्स अधिकारी के सामने या उसके दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. किसी भी शख्स को इनकम टैक्स स्क्रूटनी असेसमेंट नोटिस के लिए किसी भी तरह की भागदौड़ करने या चार्टर्ड अकाउंटेंट के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने के साथ ही न्याय मिलने की गारंटी माना जा सकता है.


आसान शब्दों में समझें तो पहले अक्सर आरोप लगते थे कि आरोपी को इनकम टैक्स दफ्तर से किसी भी तरह का नोटिस आने के बाद उसके संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के पास आते ही मामले की डील कर ली जाती है.

इस तरह के आरोप को खत्म करने और हमेशा के लिए भ्रष्‍टाचार पर रोक के लिए फेसलेस ई-असेसमेंट के तहत किसी भी एसेसी (Assesses) को टैक्स के मामलों में अब असेसमेंट ऑफिसर (Assessor) से मिलने की जरूरत नहीं होगी.

पिछले साल ही नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर (NeAC) शुरू किया गया था. इसके तहत किसी भी शख्स को स्क्रूटनी के लिए चुना जाएगा. इसके बाद उसके नाम और एंड्रेस के बारे में संबंधित अधिकारी को जानकारी नहीं होगी.

अगर मामला बिहार का होगा तो उस मामले की तफ्तीश के लिए दिल्ली, हैदराबाद, हरियाणा या किसी अन्य शहर में उस मामले को भेज दिया जाएगा. उन्‍हें सभी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन देने पड़ेंगे.

VIDEO-फेसलेस एसेसमेंट और टैक्सपेयर चार्टर जैसे बड़े सुधार आज से लागू

पूर्व वित्त मंत्री जेटली के सपने को पीएम मोदी ने किया साकार-देश के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने 'फेसलेस ई-असेसमेंट' का सपना देखा था. इस मसले पर वह कई बार अपने अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके थे. प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को सुनते ही जल्द पूरा करने को कहा था. हालांकि, अरुण जेटली के निधन के बाद पीएम मोदी ने दिसंबर 2019 तक योजना को पूरा करने का लक्ष्य दिया था.

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