सरकारी तेल कंपनी BPCL देगी रिकॉर्ड 12 हजार करोड़ से ज्‍यादा का लाभांश, जानें कितना हुआ मुनाफा

BPCL को कच्चे तेल को ईंधन में परिवर्तित करने पर 4.06 डॉलर प्रति बैरल की कमाई हुई.

BPCL को कच्चे तेल को ईंधन में परिवर्तित करने पर 4.06 डॉलर प्रति बैरल की कमाई हुई.

बीपीसीएल (BPCL) ने बताया कि कुल लाभांश (Dividend) में 7,592.38 करोड़ रुपये का विशेष लाभांश शामिल है. सरकार को इसमें से 6,665.76 करोड़ रुपये के साथ डिविडेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स (DDT) भी मिलेगा. सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदरी बेच (Government Stake Sale) रही है.

  • Share this:

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने रिकॉर्ड लाभांश की घोषणा की है. कंपनी ने कहा कि निदेशक मंडल ने वित्‍त वर्ष 2020-21 के लिये प्रति इक्विटी 58 रुपये अंतिम लाभांश (Final Dividend) देने की सिफारिश की है. इसमें 10 रुपये के शेयर पर एकबारगी 35 रुपये का विशेष लाभांश शामिल है. यह सिफारिश शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है. कंपनी ने बताया कि कुल 12,851 करोड़ रुपये का लाभांश दिया जाएगा. इसमें से आधे से ज्‍यादा राशि सरकार को दी जाएगी. सरकार ने कंपनी के निजीकरण के लिये प्रक्रिया (Privatization Process) शुरू की हुई है.

बीपीसीएल ने बताया कि कुल लाभांश में 7,592.38 करोड़ रुपये का विशेष लाभांश शामिल है. सरकार को इस लाभांश में से 6,665.76 करोड़ रुपये के साथ डिविडेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स भी मिलेगा. सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदरी बेच रही है. यह लाभांश वित्‍त वर्ष 2020-21 में पहले दिए गए 21 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है. हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने रिकार्ड लाभांश क्यों दिया है. बता दें कि बीपीसीएल ने असम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.5 फीसदी हिस्सेदारी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL), इंजीनियर्स इंडिया (EIL) और असम सरकार (Assam Government) के समूह को बेचकर 9,876 करोड़ रुपये हासिल किए.

ये भी पढ़ें- आम आदमी को झटका! जल्‍द बढ़ेंगी एसी-फ्रिज जैसे कंज्‍यूमर अप्‍लायंसेस की कीमतें, जानें कितनी होगी बढ़ोतरी

रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर रहने से बढ़ा कंपनी का शुद्ध मुनाफा
सरकारी तेल कंपनी ने बीना रिफाइनरी में पहले ओमान ऑयल कंपनी के नाम से पहचानी जाने वाली और अब ओक्यूएसएओसी की 36.62 फीसदी हिस्सेदारी 2,399.26 करोड़ रुपये में खरीदी. इस खरीद-फरोख्त में कंपनी को शुद्ध रूप से 7,477 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई. यह राशि बुधवार को घोषित विशेष लाभांश के करीब-करीब बराबर है. कंपनी को वित्त वर्ष 2020-21 में एकल आधार पर 19,041.67 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ. रिकार्ड लाभ का कारण हिस्सेदारी बिक्री के साथ बचे माल भंडार की वजह से रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर रहना है. वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का लाभ 2,683.19 करोड़ रुपये रहा था.

ये भी पढ़ें- PFRDA का नया रिकॉर्ड! सिर्फ 7 महीने के भीतर AUM में 1 लाख करोड़ की बढ़ोतरी, संपत्ति पहुंचीं ₹6 लाख करोड़ के पार

विदेशी मुद्रा के मामले में हासिल किया 199 करोड़ रुपये का लाभ



वित्त वर्ष 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 11,940.13 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में 2,777.62 करोड़ रुपये था. कंपनी को कच्चे तेल (Crude Oil) को ईंधन में परिवर्तित करने पर 4.06 डॉलर प्रति बैरल की कमाई हुई, जबकि पिछले साल उसका सकल रिफाइनिंग मार्जिन 2.50 डॉलर प्रति बैरल था. इसके अलावा पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) के मामले में भी 199.75 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया, जबकि इससे पिछले साल उसे इसमें 1,662.34 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज