क्रिप्टाेकरेंसी काे लेकर अनुराग ठाकुर ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

अनुराग ठाकुर (फोटे- पीटीआई)

अनुराग ठाकुर (फोटे- पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को कहा कि सरकार नई तकनीकों पर विचार करने को तैयार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2021, 10:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. क्रिप्टाेकरेंसी (Cryptocurrency) काे लेकर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है. एक तरफ जहां पिछले महीने 9 फरवरी काे अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में कहा था कि सरकार क्रिप्टाेकरेंसी पर नया कानून लाने जा रही है क्याेंकि मौजूदा कानून इनसे जुड़े मुद्दाें पर डील करने के लिए पर्याप्त नहीं है, ताे वहीं शनिवार काे दिए बयान में उन्हाेंने ब्लॉकचेन (Blockchain) काे उभरती टेक्नाेलॉजी बताते हुए कहा कि नए विचाराें का खुले मन से मूल्यांकन, अन्वेषण और प्राेत्साहन करना चाहिए.

समिति की सिफारिशों पर निर्णय लेगी सरकार
उन्हाेंने यह भी कहा कि एक उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया गया था. सरकार समिति की सिफारिशों पर निर्णय लेगी और यदि कोई विधायी प्रस्ताव होगा तो उचित प्रक्रिया के बाद संसद में पेश किया जाएगा. बिटक्वाइन (Bitcoin) बैन की आशंका के बीच निवेशकाें के लिए सरकार की तरफ से मिल रहे संकेत काे उनके लिए राहत भरा ही कहा जा सकता है. इससे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि केंद्र शायद डिजिटल करेंसी पर पूरी तरह बैन न लगाए. सीतारमण ने भी नई टेक्नोलॉजी के साथ एक्सपेरिमेंट पर जोर दिया और कहा कि केंद्र इस पर खुला दिमाग रखेगा. सीतारमण ने कहा है कि हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी तरह के एक्सपेरिमेंट के लिए मौका खुला रहे. केंद्र नई टेक्नोलॉजी के विरोध में नहीं है.

ये भी पढ़ें- LPG Gas Subsidy Status: क्या आपके अकाउंट में आ रही है गैस सब्सिडी, ऐसे आसानी से करें पता
एलन मस्क के निवेश के बाद क्रिप्टाेकरेंसी काे लेकर चर्चा तेज 


बहरहाल अनुराग ठाकुर के शनिवार काे और पिछले महीने दिए गए बयानों पर गाैर किया जाए ताे यह लग रहा है कि क्रिप्टाेकरेंसी पर सरकार के नजरिए में थाेड़ा बदलाव जरूर आया है. जानकार भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टाेकरेंसी काे भविष्य की करेंसी कहते है और हाल ही में टेस्ला के एलन मस्क जैसे बड़े उद्यमियाें के निवेश के बाद दुनिया भर में क्रिप्टाेकरेंसी काे लेकर चर्चा ना सिर्फ तेज हुई है बल्कि इसे बाजार में मान्यता देने के लिए मांग भी मजबूत हाे रही है.

ये भी पढ़ें- Freecharge में जुड़ा नया फीचर, क्रेडिट कार्ड से भी दे सकते हैं घर का किराया, मिल रहा है 500 रुपये कैशबैक

आरबीआई के गर्वनर ने जताई थी चिंता
संभवतः शायद यही वजह है कि सरकार भी टेक्नाेलॉजिकल डेवलपमेंट के मामले में पिछड़ना नहीं चाहती. वित्त मंत्री ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर केंद्र का फैसला 'कैलिब्रेटेड' होगा. सीतारमण ने कहा है कि केंद्र नई टेक्नोलॉजी के विरोध में नहीं है. खुद आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास भी क्रिप्टाेकरेंसी काे लेकर एक तरफ अपनी चिंता जाहिर कर चुके है लेकिन वे भी इस बात काे कह चुके हैं कि आरबीआई रिवॉल्यूशन के मामले में पिछड़ना नहीं चाहता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज