अब कभी भी निकाल सकते हैं इस अकाउंट से पैसा, सरकार ने शुरू की सेवा

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वित्त विधेयक 2018 में प्रस्तावित कानूनी बदलावों का मकसद छोटी बचत योजनाओं के अंतर्गत आने वाले खातों के परिचालन में लचीलापन लाना है.

News18Hindi
Updated: February 14, 2018, 8:22 AM IST
अब कभी भी निकाल सकते हैं इस अकाउंट से पैसा, सरकार ने शुरू की सेवा
अब कभी भी निकाल सकते हैं इस अकाउंट से पैसा, सरकार ने शुरू की सेवा
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Updated: February 14, 2018, 8:22 AM IST
सरकार ने लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाता समय से पहले बंद करने की सुविधा देने और नाबालिग के नाम पर छोटी बचत खाता खोलने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वित्त विधेयक 2018 में प्रस्तावित कानूनी बदलावों का मकसद छोटी बचत योजनाओं के अंतर्गत आने वाले खातों के परिचालन में लचीलापन लाना है.

नए लाभ देने का प्रस्ताव
कुछ मीडिया रिपोर्ट में जताई गई चिंता को दूर करते हुए मंत्रालय ने कहा कि पीपीएफ कानून को दूसरे कानूनों के साथ मिलाते समय मौजूदा सभी संरक्षणों को बरकरार रखा जाएगा. इसमें कहा गया है कि जमाकर्ताओं को इस समय पीपीएफ में जो लाभ मिल रहे हैं, उसे इस प्रक्रिया के जरिए वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकारी बचत प्रमाणपत्र कानून, 1959 और लोक भविष्य निधि कानून, 1968 को सरकारी बचत बैंक कानून 1873 के साथ विलय का प्रस्ताव है. विधेयक के तहत मौजूदा लाभ सुनिश्चित करने के साथ जमाकर्ताओं को नये लाभ का भी प्रस्ताव किया गया है.

मंत्रालय के मुताबिक प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जमाकर्ताओं के लिए क्रियान्वयन को आसान बनाना है, क्योंकि उन्हें छोटी बचत योजनाओं (एसएसएस) के प्रावधानों को समझने के लिए अलग-अलग नियमों तथा कानूनों को देखना होता है. साथ ही निवेशकों के लिए कुछ लचीलापन लाना है. लघु बचत योजनाओं से संबद्ध विभिन्न कानून और नियमों में मौजूदा अस्पष्टताओं को दूर करने तथा ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के लक्ष्य को और मजबूत करने के लिए दो कानूनों को सरकारी बचत बैंक कानून, 1873 में विलय का प्रस्ताव किया गया है.

अभी थे ये नियम 
मंत्रालय ने कहा कि सभी योजनाओं के संदर्भ में समय से पहले खातों को बंद करने को लेकर विशिष्ट योजना अधिसूचना के जरिए प्रावधान किया जा सकता है. फिलहाल पीपीएफ खाता समय से पहले यानी पांच वित्त वर्ष पूरा होने से पहले बंद नहीं किया जा सकता है. संशोधित कानून सरकार को लघु बचत की शिकायतों के सौहार्दपूर्ण और शीघ्रता से निपटान के लिए व्यवस्था बनाने की अनुमति देगा. मंत्रालय ने कहा कि लघु बचत योजनाओं के मामले में संशोधन के जरिए ब्याज दर और कर नीति में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है. कुछ लघु बचत योजनाओं को बंद करने की आशंका आधारहीन है.

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उल्लेखनीय है कि लघु बचत योजनाओं पर बैंक जमा की तुलना में ब्याज अधिक मिलता है और कुछ लघु बचत योजनाओं में निवेश पर आयकर का भी लाभ मिलता है. लघु बचत योजनाओं में डाकघर बचत खाता, राष्ट्रीय बचत मासिक आय खाता, राष्ट्रीय बचत आवर्ती जमा, पीपीएफ तथा सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं.
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