सरकारी कर्मचारियों के GPF खाते पर हुआ फैसला! 30 सितंबर तक इतना मिलेगा ब्याज

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) की ब्याज दरों पर फैसला ले लिया है. जीपीएफ केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों के लिए होता है. आइए जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब...

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 8:53 AM IST
सरकारी कर्मचारियों के GPF खाते पर हुआ फैसला! 30 सितंबर तक इतना मिलेगा ब्याज
सरकारी कर्मचारियों के GPF खाते पर हुआ फैसला! 30 सितंबर तक इतना मिलेगा ब्याज
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Updated: July 17, 2019, 8:53 AM IST
सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) की ब्याज दरों पर फैसला ले लिया है. नए फाइनेंशियल ईयर की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.9 फीसदी तय की है. इससे पहली तिमाही में दरें 8 फीसदी थी. जीपीएफ या जनरल प्रोविडंट फंड एक प्रोविडंट फंड खाता होता है जिसे सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही खुलवा सकते हैं. एक सरकारी कर्मचारी इस खाते में अपने वेतन का एक निश्चित फीसदी योगदान करके फंड का सदस्य बन सकता है.

30 सितंबर तक इतना मिलेगा ब्याज- सरकार ने फाइनेंशियल सिस्टम में जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) समेत अन्य फंड्स की ब्याज दर में कमी की है.
>> इसके मुताबिक जुलाई-सितंबर 2019 के क्वार्टर में ग्राहकों को 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. इससे पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून  में यह दर 8 फीसदी थी.
>> वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार- यह ब्याज दर केंद्रीय कर्मचारियों, रेलवे और सुरक्षाबलों के प्रोविडेंट फंड्स के अलावा पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर भी लागू होगी.

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वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है, ‘यह घोषणा की जाती है कि जनरल प्रोविडेंट फंड और इसी तरह के अन्य फंड्स पर 1 जुलाई, 2019 से 30 सितंबर 2019 तक ब्याज दर 7.9 फीसदी होगी. यह दर एक जुलाई 2019 से लागू होगी.’


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जीपीएफ खाते की जरूरी बातें-इस खाते में जमा राशि का भुगतान आम तौर पर कर्मचारी की सेवानिवृत्ति/ रिटायरमेंट के बाद किया जाता है. इस फंड में जमा रकम आयकर की धारा 80सी के अंतर्गत टैक्स छूट के दायरे में आती है. जीपीएफ खाते में जमा रकम पर 8 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है.

कौन खुलवा सकता है खाता- भारत सरकार या कर सरकारी कर्मचारी जनरल प्रोविडंट फंड में अपना अकाउंट खुलवा सकता है. यह खाता एक निश्चित आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए जरूरी है. निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी इस अकाउंट के लिए पात्र नहीं होते हैं.



कैसे काम करता है जीपीएफ-जनरल प्रोविडंट फंड एक तरह का सेविंग टूल है. जो एक कर्मचारी सरकार के साथ खोल सकता है. इस खाते में, खाताधारक एक निश्चित अवधि के लिए नियमित किस्तों के रूप में अपने वेतन का एक हिस्सा खाते में योगदान करता है. इस खाते में जमा राशि खाताधारक को रिटायरमेंट के समय दी जाती है. इसमें खाताधारक खाता खुलवाने के समय ही अपना नॉमिनी भी चुन सकता है. अगर खाताधारक को कुछ होता है तो नॉमिनी को अकाउंट से जुड़े तमाम फायदों का लाभ मिलता है.

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जीपीएफ में खास फीचर- जीपीएफ खाते से जुड़ा एक खास फीचर होता है जिसे जीपीएफ एडवांस के नाम से भी जाना जाता है. यह जनरल प्रोविडंट फंड की सेविंग के अंतर्गत दिया गया इंटरेस्ट फ्री (ब्याजमुक्त) लोन होता है. इसे लोन इसलिए कहा जाता है क्योंकि उधार ली गई राशि का नियमित मासिक किश्तों में वापस भुगतान किया जाता है. जीपीएफ खाते से अग्रिम रूप में निकाली गई राशि पर कोई ब्याज का भुगतान नहीं करना होता है. आप अपने पूरे करियर में आवश्यकता पड़ने पर जितने चाहें जीपीएफ अग्रिम ले सकते हैं.

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First published: July 17, 2019, 8:51 AM IST
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