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सरकार का नया प्रस्ताव- कारों में कम से कम 6 एयरबैग हों, परिणाम- कीमत 30 से 50 हजार बढ़ जाएगी

एयरबैग

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सुरक्षा के लिहाज से कारों में 6 एयरबैग लगाने का प्रस्ताव रखा है. अगर यह अमल में आता है तो सुरक्षा बढ़ने के साथ साथ कारों की कीमत भी बढ़ जाएगी.

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    नई दिल्ली . सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह विचार रखा कि कार निर्माताओं को भारत में बेची जाने वाली सभी कारों पर कम से कम 6 एयरबैग को एक स्टैंडर्ड फीचर बनाना चाहिए. 6 एयरबैग निस्संदेह ग्राहकों को कार में बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा, लेकिन इसका प्रभाव सीधा ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में.

    हालांकि ये प्रस्ताव किसी बड़ी दुर्घटना में लोगों का जीवन बचा सकता है, जिसके लिए कोई भी कीमत पड़ जाएगी. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो निसंदेह कई प्रश्न सामने आएंगे.

    6 एयरबैग एक कार की कुल लागत में कितना इजाफा करेंगे?
    औसतन, एक कार में फ्रंटल एयरबैग लगाने पर 5,000-8000 रुपये के बीच खर्च होता है, जबकि एक साइड और कर्टेन एयरबैग की कीमत बहुत अधिक हो सकती है. इसका मतलब यह होगा कि छोटे से मिड-लेवल सेगमेंट में बेची जाने वाली प्रत्येक कार की कीमत में लगभग 30,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी.

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    यह अनुमान केंद्र सरकार द्वारा भारत में बेची जाने वाली सभी कारों पर ड्यूल एयरबैग अनिवार्य किए जाने के बाद अपेक्षित मूल्य वृद्धि पर आधारित है, जिसके लागू होने की तारीख 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई है.

    कार दुर्घटना के दौरान जोखिम को कम करने में 6 एयरबैग कैसे मदद करेंगे?

    6 एयरबैग साइड-इफ़ेक्ट सेफ्टी प्रदान करते हैं, जो इस समय एंट्री-लेवल सेगमेंट के लोगों के लिए बहुत ही कम है. भारत में एंट्री लेवल कारें ज्यादातर पारिवारिक उपयोग के लिए होती है, जिसमे कम से कम दो सदस्य पीछे वाली सीट पर बैठे होते हैं.

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    भारत में ज्यादातर ये देखा जाता है कि, पीछे वाली सीटों पर पैसेंजर द्वारा सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. ऐसे में बिना सीट बेल्ट के दुर्घटना के समय एयरबैग भी किसी काम नहीं आने वाले. हालांकि 6 एयरबैग आने के बाद पीछे वाली सीटों पर भी बेहतर सुरक्षा मिल पायेगी.

    स्टैंडर्ड के तौर पर 6 एयरबैग होने के फायदे?
    बैटर लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक पीयूष तिवारी के मुताबिक 6 एयरबैग स्टैंडर्ड के तौर पर आने के बाद दुर्घटना में जान गवाने वाले लोगों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. ये एयरबैग पीछे बैठे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा, जो अब तक कारों में नहीं दी जाती थी. जिसके चलते किसी दुर्घटना के समय पीछे बैठे यात्री, कार के अंदर, फ्रेम से टकराकर गंभीर रूप से जख्मी होते थे.

    तिवारी ने आगे कहा कि, ये फीचर प्राइवेट कारों के साथ साथ कमर्शियल वाहनों में भी बतौर स्टैंडर्ड के तौर पर आना चाहिए, क्यूंकि कमर्शियल वाहन सड़क पर ज्यादा समय व्यतीत करते हैं.

    भारत में कितनी कारें 6 एयरबैग ऑप्शन के साथ आती हैं ?
    आम तौर पर 6 एयरबैग विशेष रूप से लक्ज़री कारों में पेश नहीं किए जाते हैं. उदाहरण के लिए, फोर्ड मोटर्स इंडिया 6 एयरबैग ऑप्शन को पेश करने वाले पहले ब्रांडों में से एक था, जिसमें फोर्ड फिगो सबसे सस्ती कार थी, जिसकी कीमत 6.65 लाख रुपये से शुरू होती थी.

    वर्तमान में, फोर्ड फिगो (टाइटेनियम ब्लू), हुंडई i20, फोर्ड इकोस्पोर्ट, हुंडई वेन्यू, किआ सॉनेट सहित कई कारें कॉम्पैक्ट हैच / क्रॉसओवर सेगमेंट से लेकर हुंडई क्रेटा, महिंद्रा एक्सयूवी और हुंडई एलांट्रा तक मिड-लेवल, एसयूवी/सेडान सेगमेंट 6 एयरबैग के साथ आते हैं.

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