दिहाड़ी मजदूरों और नौकरी करने वालों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान, 2 बजे होगी वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस

दिहाड़ी मजदूरों और नौकरी करने वालों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान, 2 बजे होगी वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस
निर्मला सीतारमण

CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नौकरी करने वालों और दिहाड़ी मज़दूरों से जुड़ी कुछ घोषणाएं हो सकती है. माना जा रहा है कि वित्त वर्ष के लिए एक महीना और बढ़ाया जा सकता है

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2020, 1:37 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Corona Virus) के संकट से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) बड़े ऐलान कर सकती है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नौकरी करने वालों और दिहाड़ी मज़दूरों से जुड़ी कुछ घोषणाएं हो सकती है. माना जा रहा है कि वित्त वर्ष के लिए एक महीना और बढ़ाया जा सकता है यानी 31 मार्च को खत्म हो रहे वित्त वर्ष को 30 अप्रैल तक बढ़ाने की उम्मीद है. क्योंकि, टैक्स से जुड़ी कई चीजों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है.

कोरोना संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार जल्द ही बेलआउट पैकेज का ऐलान कर सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिन पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करने की बात कही थी. यह टास्क फोर्स मौजूदा हालात में आर्थिक सुधारों को लेकर सुझाव देगी. वित्त मंत्री ने खुद इस बात का ऐलान किया है कि कोरोना से लड़ाई के लिए दान की गई रकम कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के दायरे में आएगी.

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'घर से काम करने की अनुमति दें और नौकरियों में कटौती न करें'- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उद्योग जगह के प्रतिनिधियों एसोचेम, फिक्की, सीआईआई और देश भर के 18 शहरों के स्थानीय चैंबरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की. उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि वे कर्मचारियों को घरों से काम करने की अनुमति दें और लोगों को नौकरियों से ना निकालें.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सरकार देश में विकास की गति को तेज करने के लिए काम कर रही थी, तब कोविड-19 के रूप में एक अप्रत्याशित बाधा अर्थव्यवस्था के सामने आ गई. उन्होंने कहा कि महामारी से उत्पन्न चुनौती विश्व युद्धों द्वारा उत्पन्न की गई चुनौतियों की तुलना में भी गंभीर है और इसके प्रसार को रोकने के लिए हमें निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है.

उन्होंने उनसे कहा कि वे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें, जहां भी ऐसा करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सके. उन्होंने उनसे आह्वान किया कि वे मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाएं और अपने व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव के बावजूद कार्यबल में कटौती नहीं करें.

पीएम मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि इस समय आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन प्रभावित न हो, और कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जाए. उन्होंने उन्हें कारखानों, कार्यालयों और कार्यस्थलों पर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए स्वच्छता के महत्व और चिकित्सा सलाह का पालन करने के बारे में याद दिलाया.

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते गुरुवार को देश के नाम संबोधन में कहा था कि कोरोना वायरस से दुनिया की अर्थव्यवस्था को भारी असर पड़ा है. हमारे यहां भी इसका आकलन किया जाना है. दूसरी ओर, कोरोना से लड़ाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया था. हालांकि, डेमोक्रेट्स ने इसमें अड़ंगा लगा दिया.

चीन के वुहान से संक्रमण की शुरुआत और धीरे-धीरे इसके दूसरे देशों में फैलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है. भारत, अमेरिका, चीन और जापान समेत कई देशों के शेयर बाजारों में बड़ा उतार चढ़ाव देखा गया. लॉकडाउन के कारण जरूरी की चीजों को छोड़कर अन्य दुकानें और बाजार पूरी तरह बंद रखे गए हैं. इसकी वजह से भी कारोबार ठप हो गया है.

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First published: March 24, 2020, 12:54 PM IST
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