कोरोना महामारी में सभी के लिए खुला वैक्सीनेशन, जानें सरकार का क्या है आगे का प्लान

वैक्सीनेशन सेंटर

केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया. हालांकि, कई राज्यों में वैक्सीन की कमी है और 45-60 की उम्र के लाखों लोग अब भी वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं.

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    नई दिल्ली: कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में समय बहुत महत्वपूर्ण है. इसका संबंध वैक्सीन के उत्पादन, परिवहन और डिलीवरी की गति से है. हर्ड इम्यूनिटी की एक झलक पाने के लिए भी बड़ी संख्या में और तेजी से भारतीयों को टीका लगाने की जरूरत है. इस उद्देशय को ध्यान में रखते हुए ही केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया. हालांकि, कई राज्यों में वैक्सीन की कमी है और 45-60 की उम्र के लाखों लोग अब भी वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं. सिर्फ कुछ ही राज्य ऐसे हैं जो वैक्सीनेशन के योग्य व्यस्कों को टीका लगाकर अभियान को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं.

    टीकाकरण अभियान का विस्तार बहुत धीमा हुआ, कई उपयोगकर्ताओं ने CoWin रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर आउटेज की शिकायत की. इस समस्या का एक बार हल होने के बाद वैक्सीन के लिए आवेदन करने वालों को खुद को रजिस्टर करने और अपने एरिया के पिनकोड में उपयुक्त वैक्सीनेशन स्लॉट ढूंढ़ने के लिए कहा गया.

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    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 4 मई तक, 18-44 साल के आयु वर्ग के लगभग 600,000 लोगों को वैक्सीन लगाई गई. इस आयु वर्ग में टीकाकरण करने में गुजरात सबसे आगे है लेकिन अभी भी भारत के टीकाकरण अभियान को और तेज़ करने की ज़रूरत है.

    पहली और सबसे अहम ज़रूरत है, लक्षित कार्रवाई की. महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों में कई इंफेक्शन हॉटस्पॉट वैक्सीन और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें विशेष सहायता देने की आवश्यकता है. इन स्थानों के लोगों को जितनी जल्दी हो सके शिक्षित और सशक्त बनाकर कोविड-19 के खिलाफ इम्यूनाइज़्ड करने की ज़रूरत है.

    हाल ही में स्वीकृत रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik V) के अलावा भारत के वैक्सीन निर्माताओं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) और भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने, कोविशील्ड और कोवैक्सिन का उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है, फिलहाल इन्हीं दोनों वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है. अब ज़रूरत है सही लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की ताकि वैक्सीन उन लोगों तक पहले पहुंचाई जा सके जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

    इस तरह की अन्य त्रासदियों की तरह ही, कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भी सामूहिक उद्देशय की भावना ज़रूरी है और इसके कारण हुई उथल-पुथल से बाहर आने के लिए केंद्रित प्रयास (फोकस्ड कोशिश) की जिस तरह से इसका भयानक प्रसार हो रहा है और लगातार विनाश की कहानियां सामने आ रही हैं इससे साफ है कि यह बीमारी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाकर हम पड़ भारी पड़ेगी, यदि हम इस बोझ को साझा नहीं करते हैं.

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    हम फेडरल बैंक (Federal Bank) की सीएसआर (CSR) पहल Network18 Sanjeevani– A Shot Of Life (नेटवर्क18 संजीवनी- ए शॉट ऑफ लाइफ), के साथ काम कर रहे हैं, जो कोविड-19 के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टीकाकरण और जागरूकता अभियान है. अधिक अपडेट के लिए हमें फॉलो करें और भारत के स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए आगे कदम बढ़ाएं.