बैंक खाते से पैसा चोरी होने पर अब मिलेगा पूरा मुआवजा! सरकार ला रही है नया कानून

बैंक खाते से पैसा चोरी होने पर अब मिलेगा पूरा मुआवजा! सरकार ला रही है नया कानून
सांकेतिक तस्वीर

सरकार फ्रॉड से निपटने के लिए मौजूदा कानून पेमेंट एंड सेट्लमेंट एक्ट 2007 में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है जिसमें बैंकिंग फ्रॉड रोकने और मुआवजे का इंतजाम होगा. इसमें ग्राहक की समझ, अनुभव, कुशलता को आधार बनाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2018, 7:44 PM IST
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अब बैंकों के कम पढ़े-लिखे और कम जानकारी वाले ग्राहकों को फ्रॉड के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा मिलेगी. जल्द ही सरकार फ्रॉड से निपटने के लिए मौजूदा कानून पेमेंट एंड सेट्लमेंट एक्ट 2007 में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है जिसमें बैंकिंग फ्रॉड रोकने और मुआवजे का इंतजाम होगा. इसमें ग्राहक की समझ, अनुभव, कुशलता को आधार बनाया जाएगा. इसके लिए पेमेंट रेगुलटरी बोर्ड नए दिशानिर्देश बनाएगा और ग्राहकों को जोखिम के स्तर और स्वरूप पर सुरक्षा मिलेगी.

अभी आपके पास है ये अधिकार- पिछले साल RBI ने नियमों को अधिसूचित किया था. इनमें इस तरह के मामलों में किस हद तक किसकी जिम्मेदारी होगी, यह तय किया गया था. सरकार डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना चाहती है. लेकिन, धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाएं इसमें रोड़ा बन रही हैं. आरबीआर्इ की सालाना रिपोर्ट 2017-18 में इस पर रोशनी डाली गर्इ है.

ग्राहकों की कब नहीं होगी कोर्इ जिम्मेदारी?-बैंक की ओर से खामी होने पर ग्राहक को किसी नुकसान की चिंता करने की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों में जहां गलती न तो बैंक की है और न ग्राहक की, लेकिन सिस्टम में कहीं और है. तब अनाधिकृत ट्रांजेक्शन की सूचना मिलने के तीन दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कराने पर नुकसान का दायित्व ग्राहक पर नहीं आएगा. (ये भी पढ़ें-SBI की चेतावनी! बैंक अकाउंट में नए तरीके से हो रही पैसों की चोरी)



ग्राहकों की कब होगी सीमित जिम्मेदारी?-ग्राहक की लापरवाही से नुकसान होने पर ग्राहक को पूरे नुकसान का बोझ उठाना होगा. बशर्ते अनाधिकृत ट्रांजेक्शन की जानकारी बैंक को न दी जाए. इस तरह के मामलों में जहां गलती न तो बैंक की है और न ग्राहक की, लेकिन सिस्टम में कहीं और है. तो, अनाधिकृत ट्रांजेक्शन की सूचना मिलने के चार से सात दिन बाद बैंक को यह जानकारी देने पर ग्राहक की सीमित जिम्मेदारी बनेगी. इस मामले में ग्राहक पर अधिकतम 5,000 रुपये से 25,000 रुपये की रेंज में दायित्व बनता है. यह खाते के प्रकार पर निर्भर करता है.
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बोर्ड से मंजूर पॉलिसी के मामले में कितना होगा रोल?-अनधिकृत ट्रांजेक्शन की जानकारी सात कार्यदिवसों के बाद देने पर ग्राहक का दायित्व बैंक के बोर्ड की मंजूरी से बनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा. इस मामले में गैर-कानूनी लेनदेन में शामिल रकम को बैंक ग्राहक के खाते में अधिसूचना की तारीख से 10 कार्यदिवस में डालेंगे. इस मामले में बैंक को ग्राहक की शिकायत का निपटान करना ही पड़ेगा. शिकायत प्राप्त करने के 90 दिनों के भीतर बैंक को ग्राहक की जिम्मेदारी तय करनी होगी. बैंकों के लिए जरूरी है कि वे एसएमएस एलर्ट और इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन की खातिर ग्राहक के मोबाइल नंबर को रजिस्टर करवाएं

 
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