बढ़ती महंगाई को काबू करने में जुटी सरकार, निर्मला सीतारमण ने दी ये जानकारी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

खाद्य पदा​र्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. इसके चलते अक्टूबर में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर भी 7.61 फीसदी पर पहुंच गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बढ़ती कीमतों को काबू करने के ​लिए उपाय कर रही है.

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को कहा कि जल्दी खराब होने वाले सामानों का मुद्रास्फीति (Inflation) पर दबाव पड़ रहा है. सरकार बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिये अल्प तथा मध्यम अवधि के उपाय कर रही है. खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) 7.61 फीसदी पर पहुंच गयी. यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक दायरे से ऊपर है.

थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में सात महीने के उच्च स्तर 1.32 फीसदी पर पहुंच गयी. वहीं खुदरा महंगाई दर खाद्य वस्तुओं खासकर सब्जियों के दाम में तेजी से आठ महीने के उच्च स्तर 7.34 फीसदी पहुंच गयी.

मौसमी उत्पादों की कीमतों में तेजी
सीतारमण ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कुछ जिलों में बाढ़ के कारण मौसमी उत्पादों (Seasonal Products) की कीमतों में तेजी आयी. सरकार उनके बेहतर तरीके से रखरखाव, लंबे समय तक उन्हें खाने लायक बनाये रखने और प्याज तथा आलू जैसे फसलों के लिये ऐसी भंडारण व्यवस्था उपलब्ध करा रही है, जिस पर मौसम का कोई असर नहीं पड़े.
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फल और सब्जी के भाव पर खास ध्यान
उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों (फल और सब्जी) के दाम बढ़े हैं और इसका प्रमुख कारण कुछ जिलों मे बाढ़ का आना है... सरकार अल्पकालिक और मध्यम अवधि दोनों उपायों पर काम कर रही है. अल्प अवधि और मध्यम अवधि के लिये जहां भी आयात की जरूरत हुई, मंजूरी दी गयी, पर्याप्त निवेश आकर्षित किय जा रहे हैं और कृषि संबंधी ढांचागत सुविधा के लिये प्रोत्साहन उपलब्ध कराये जा रहे हैं.’’



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भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बुधवार को देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अपनी एक रिपोर्ट में मुद्रास्फीति के दबाव की बात स्वीकार की. इसमें कहा गया है कि इससे आर्थिक पुनरूद्धार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने को लेकर जोखिम बना हुआ है.
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