घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव कुछ और क्षेत्रों के लिए भी: नीति आयोग

नीति आयोग
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नीति आयोग (Niti Aayog) के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग (Domestic Manufacturing) को बढ़ावा देने के लिए अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (Production Linked Incentives) योजना लाएगी.

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नई दिल्ली. नीति आयोग (Niti Aayog) के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग (Domestic Manufacturing) को बढ़ावा देने के लिए अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (Production Linked Incentives) योजना लाएगी. उद्योग मंडल फिक्की (FICCI) के कार्यक्रम में कुमार ने यह भी कहा कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है.

ई-वाहनों को बढ़ावा
कुमार ने कहा, ''सड़कों पर 85 प्रतिशत वाहन दो-पहिया और तीन-पहिया हैं. हम आने वाले समय में इन्हें ई-वाहनों में तब्दील करना चाहते हैं. हमने दुपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग को लेकर मानकों को अंतिम रूप दे दिया है.''

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निवेशकों के लिए अवसर और सुविधाओं के बारे में कुमार ने कहा, ''हम एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आकर्षित करते समय अपना भरोसा उन इकाइयों में दिखाएंगे जिन्होंने पहले से ही भारत में निवेश कर रखा है. हम वैसे निवेशकों को और बेहतर लॉजिस्टिक और बुनियादी ढांचा सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें मान्यता देंगे.''



 9-10 और क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना
उन्होंने कहा कि इसी कारण हम जल्दी ही 9-10 और क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना ला रहे हैं. सरकार पहले ही औषधि, चिकित्सा उपकरण, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनियों के लिए पीएलआई योजना ला चुकी है. अब वह इस योजना को दूसरे क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार कर रही है.



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हालांकि नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने यह नहीं बताया कि वे क्षेत्र कौन-कौन से होंगे जो योजना के लिये पात्र हो सकते हैं. उन्होंने कहा, ''पीएलआई योजना का मकसद देश में पैमाने और प्रतिस्पर्धा के लिहाज से वैश्विक स्तर के विनिर्माण के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है.''
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