BPCL में हिस्सेदारी बेचकर सरकार जुटाना चाहती है 90 हजार करोड़ रुपये, इन कंपनियों ने लगाई बोली

BPCL में हिस्सेदारी बेचकर 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य सरकार ने रखा.

BPCL में हिस्सेदारी बेचकर 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य सरकार ने रखा.

भारत पोट्रोलिय कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के शेयर की बात की जाए तो शुक्रवार को कंपनी के शेयर BSE में 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 383 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए. वहीं NSE पर इसके स्टॉक्स 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 382.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अपनी 52.98 प्रतिशत की हिस्सेदारी बेचकर 90 हजार करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. फिलहाल भारत पेट्रोलिय कॉर्पोरेशन लिमिटेड को खरीदने में तीन कपनियों ने रुचि दिखाई है. वहीं भारत पोट्रोलिय कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयर की बात की जाए तो शुक्रवार को कंपनी के शेयर BSE में 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 383 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए. वहीं NSE पर इसके स्टॉक्स 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 382.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए. ऐसे में विशेषज्ञों ने BPCL के टारगेट प्राइस को मिड टर्म में प्रति शेयर 500 रुपये तक जाने की संभावना जताई है.

इस मामले से जुडे एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि, सरकार BPCL के स्टॉक्स को उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के बाराबर वेंचमार्क करना चहाती है. वहीं मिंट की खबर के अनुसार सरकार ने जो अपनी 52.98 प्रतिशत की हिस्सेदारी के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है. जिसमें BPCL की परिसंपत्तियां भी शामिल है. वहीं इस मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया कि अगर कोई यह सोचता है कि केंद्र सरकार BPCL में अपनी हिस्सेदारी केवल उसके शेयर की मौजूदा कीमतों के आधार पर बेच देगी, तो वे गलत हैं. क्योंकि सरकार कंपनी का Asset Valuation भी देख रही है

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सिर्फ एसेट्स बेचने से मिल जाएंगे 45,000 करोड़- केंद्र सरकार BPCL की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के शेयर से भी इसके स्टॉक्स की तुलना कर रही है. अधिकारी ने कहा कि BPCL के पास इतनी संपत्ति है कि सरकार उसे बेचकर कंपनी के कोर बिजनेस से छेड़छाड़ किए बिना ही आसानी से 45,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है. Emkay Global के एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश के रिटेल पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स में BPCL की हिस्सेदारी 20% से अधिक है. कंपनियों की नजर BPCL के 17,000 पेट्रोल पंप के अलावा उसके गैस स्टेक्स की तरफ भी हैं. पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) और इंद्रप्रस्थ गैसे लिमिटेड (Indraprastha Gas Limited) के अलावा मोजांबिक गैस (Mozambique gas) में भी BPCL के शेयर्स हैं.
BPCL के ये बिजनेस निवेशकों को करते हैं आकर्षित- वहीं, Elara Capital के वाइस प्रेसिडेंट गगन दीक्षित ने कहा कि BPCL के स्टॉक्स में लॉन्ग टर्म में अभी की मौजूदा कीमत के दोगुना होने की क्षमता है. RIL-BP और दूसरी कंपनियों के बीच हुई डील से तुलना करें तो BPCL की वैल्यू 80,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच बैठेगी. BPCL की बड़ी रिफाइनरी क्षमता और हाइड्रोकार्बन का खनन और उत्पादन भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है. साथ ही कंपनी के दूसरे बिजनेस जैसे- प्रोडक्ट पाइपलाइन, LPG, इंडस्ट्रियल फ्यूल, ATF आदि भी कंपनी के वैल्यूएशन को बढ़ाते हैं.

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BPCL को खरीदने की रेस में ये 3 कंपनियां - आपको बता दें कि BPCL में सरकार की 52.98% हिस्सेदारी खरीदने के लिए माइनिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के साथ अमेरिका की दो प्राइवेट इक्विटी इनवेस्टर्स फर्म (PE Investors Firm) अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट (Apollo Global Management) और आई स्कावयर्ड कैपिटल (I Squared Capital) की इकाई थिंक गैस (Think Gas) ने बोलियां सौंपीं हैं. BPCL को खरीदने की बिडिंग प्रक्रिया में इन दोनों प्राइवेट प्लेयर्स के कूदने से कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया कॉम्पिटिटिव और रोमांचक हो गई है. इससे BPCL का वैल्यूएशन ऊंची कीमत पर होने की सरकार की उम्मीद भी बढ़ गई है.

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